रविवार, जुलाई 20, 2008

लो भैंस ने पूंछ भी उठा दी और गोबर भी कर दिया, शनिवार रात साढ़े 12 बजे तक गुल रही बिजली

लो भैंस ने पूंछ भी उठा दी और गोबर भी कर दिया, शनिवार रात साढ़े 12 बजे तक गुल रही बिजली

मुरैना/भिण्‍ड/श्‍योपुर 20 जुलाई, सुबह 8 बजे से शनिवार 19 जुलाई को शुरू हुयी बिजली कटौती रात साझ़े 12 बजे तक रह रह कर चलती रही । खैर ये तो होना ही था । कल हुये प्रकाशित समाचार के बाद तो यह सफां लाजमी था । वैसे आपको बतातें चलें हमने तो यह समाचार जानबूढ कर देरी से प्रकाशित किया था ग्‍वालियर और मुरैना से प्रकाशित सभी अखबारों में यह पहले ही छप चुका था ।

हमारी चम्‍बल में एक कहावत है कि भैंस पूंछ उठायेगी तो क्‍या करेगी, चतुर लोग इसका अपने आप उत्‍तर दे देते हैं कि गोबर करेगी और क्‍या करेगी ।

लो भैंस रोजाना पूंछ भी उठा रही है और गोबर भी दनादन अन्‍धाधुन्‍ध कर रही है ।

चालू रही बड़े बाबू , अफसरों और मंत्री के मोहल्‍ले की बिजली

बकाया आधे पौने शहर में भले ही बिजली कहर ढाती रही हो लेकिन बड़े बाबू (कलेक्‍टर साहब) और अफसरों तथा लोकल मिनिस्‍टर और अखबार वालों की बिजली चालू बनी रही । हुम्‍फ ये डेमोक्रेसी है भईये, इसमें ऐसा ही चलता है, मियां कह जूती मियां की चांद पर ऐसे ही पड़ती है ।       

 

शनिवार, जुलाई 19, 2008

अन्‍धाधुन्‍ध बिजली कटौती: गुस्‍साई जनता ने मुरैना बिजलीघर के अधीक्षण यंत्री कार्यालय को ताला लगाया

अन्‍धाधुन्‍ध बिजली कटौती: गुस्‍साई जनता ने मुरैना बिजलीघर के अधीक्षण यंत्री कार्यालय को ताला लगाया

न फरियाद सुनने वाला कोई, न हाकिम न हक्‍काम, हुआ हुक्‍का तमाम

मुरैना 19 जुलाई 08, अंतत: मुरैना की आक्रोशित जनता के सब्र का बांध टूट ही गया और बुधवार को मुरैना के बिजली घर पर जम कर धरना प्रदर्शन के बाद अधीक्षण यंत्री के कार्यालय को ताला जड़ दिया । मजे की बात ये रही कि घटनाक्रम के दरम्‍यान दोपहर डेढ़ बजे तक बिजलीघर के आला दर्जे के भ्रष्‍ट रईस अधिकारी अपने दफ्तर नहीं पहुँचे थे ।

उल्‍लेखनीय है बिल्‍कुल ठीक इसी तरह लगभग एक साल पहले जब ग्‍वालियर टाइम्‍स की टीम मामले की पड़ताल करने और शिकायत करने इसी बिजलीघर पर पहुची थी तब भी दोपहर दो बजे तक सुपरवाइजर से लेकर ए.ई., जे.ई., डी.ई. और एस.ई. तक कोई अधिकारी दफ्तर में नहीं मिला था, इसके बावजूद हमने अधीक्षण यंत्री के स्‍टेनो को शिकायत जमा कर पावती प्राप्‍त की थी । इसी शिकायत में एक शराबी और अभ्रद्र व्‍यवहार करने वाले इंजीनियर की भी शिकायत दर्ज थी, लेकिन महकमे की अधीक्षण यंत्री के नाम प्रस्‍तुत यह शिकायत आज तक कार्यवाही के लिये लंबित है और शराबी इंजीनियर जहॉं का तहॉं त्‍यों का त्‍यों पदस्‍थ और धांधलीशीन है । खैर इसका तो हम वक्‍त रहते अपने आवेदन को आपके सामने पेश जरूर करेंगें और बतायेंगें कि असल में क्‍या चल रहा है । आवेदन की पावती आपको दिखायेंगे जरूर ।

अब जनता की सुनिये, बुधवार को नैनागढ़ रोड मुरैना की बिलबिलाई जनता ने अपनी फरियाद सुनाने के लिये जब मुरैना के बिजली घर पर पहुँची तो कोई भी अधिकारी उन्‍हें वहॉं नहीं मिला । गुस्‍साई जनता ने धरना प्रदर्शन मुर्दाबाद और जो बेचारी कर सकती थी किया । अंतत: कोई अधिकारी न होने पर अधीक्षण यंत्री कार्यालय पर ताला जड़ दिया ।

कोई प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुँचा

चम्‍बल के सम्‍भागीय मुख्‍यालय के नाम पर शहर मुरैना में यूं तो कमिश्‍नर साहब तक की बैठक (कचहरी) है । लेकिन गरीब लाचार जनता की सुनने वाला कोई नहीं । कमाई, पद व मद में मगरूर प्रशासननिक अधिकारीयों को दो घण्‍टे तक चले जनताई शिकवो शिकायत पर ध्‍यान देने की जरूरत ही महसूस नहीं हुयी । कम से कम अम्‍बाह में तहसीलदार और एस.डी.एम. (तहसील के सबसे बड़े प्रशासनिक अधिकारी ) तो पहुँच गये थे । मगर मुरैना में सोता रहा जिला और संभागीय प्रशासन । मजे की बात यह कि क्षेत्र का स्‍थानीय विधायक और मंत्री भी शहर में शिलान्‍यासी श्रेय बटोरता घूमता रहा मगर उसे भी जनता की तकलीफ सुनने देखने की फुरसत नहीं मिली ।

लोकतंत्र में ऐसे अधिकारी मंत्री और विधायकों  के लिये भई हम तो यही कहेंगें कि डूग मरो चुल्‍लू भर पानी में, शर्म शर्म शर्म ......।

रविवार, जुलाई 13, 2008

हास्‍य /व्‍यंग्‍य सारा दिन सताते हो, रातों को जगाते हो .... बिजली का त्रिताल और कहरवा जारी, शिव का यह कऊनसा नृत्‍य है

हास्‍य /व्‍यंग्‍य

सारा दिन सताते हो, रातों को जगाते हो .... बिजली का त्रिताल और कहरवा जारी, शिव का यह कऊनसा नृत्‍य है

नरेन्‍द्र सिंह तोमर 'आनन्‍द'

जितेन्‍द्र भाई की एक फिल्‍म का एक गीत है, सारा दिन सताते हो, रातों को जगाते हो, तुम याद बहुत आते हो, इसमें एक लाइन और जोड़ दो तुम गाली खूब खाते हो बस बन गया म.प्र. का हाल ए सूरत । त्रिताल और कहरवा संगीत में तबले या ढोल‍क की ताल होती हैं

अब सुनो कैसे-    

 

एक नेताजी पूरा गला फाड़ के नर्रा रहे थे, कह रहे थे शिव ने ये किया शिव ने वो किया, शिव ने त्रिताल किया शिव ने कहरवा किया, लोगों को घर बेटा हो तो राम भरोसे और बेटी हो तो शिव भरोसे वगैरह वगैरह । पूरा टेंटुआ फाड़ने के बाद भी पण्डित जी की जनता की जमात में सुनवाई नहीं हो रही थी । सीन जम नहीं पा रिया था, मौसम बन नहीं पा रिया था । नेताजी के माथे से पसीना चू रहा था उनकी बाबा रामदेव जैसी काली दाढ़ी से पसीने की धार बहने लगी थी, गोया जनता थी कि तवज्‍जो ही नहीं दे रही थी, चारों ओर चें पों चें पों मची थी ।

मामला था जौरा का, जहॉं सी.एम. और राजनाथ सिंह आने वाले थे । सीन जम नहीं पाने से नेताजी खिसिया रहे थे, उनके हाव भाव बता रहे थे कि वे कित्‍ती इम्‍पोर्टेंट बात कह रहे हैं और ससुरी बेवकूफ पब्लिक सुन ही नहीं रही हैं । नेताजी के महान उद्गारों से मूरख पब्लिक वंचित हो रही है । घुमा फिरा कर वे यह कहना भी नहीं चूक रहे थे कि पता नहीं कब कौन भावी सी.एम. या पी.एम. हो, तब याद आयेगी कि एक भावी सी.एम. या पी.एम. जौरे में बोल गया निपट मूरख सिकरवारी के लोग उसे सुन नहीं पाये, उसके अनमोल वचनों को कैच नहीं कर पाये ।

वे सब पर बोल रहे थे पर बिजली पर नहीं बोल रहे थे, आतंक राज और भय राज पर नहीं बोल रहे थे केवल शिवराज पर बोल रहे थे, पब्लिक सुन नहीं रही थी, सुनने और बोलने में एक गैप था एक डिफ्रेन्‍स था, खिंच रहा था खत्‍म नहीं हो रहा था । जित्‍ता टैम शिवराज और राजनाथ को आने पहुँचने में लग रहा था उत्‍ता पण्डितजी का फिलर भाषण लम्‍बा खिंच रहा था, वे भी बोलते बोलते उकता चुके थे, कभी घड़ी देखते थे कभी आसमान की ओर मुँह उठा कर कुत्‍ते की तरह कान खड़े कर शिवराज और राजनाथ के पुष्‍पक विमान की घड़घड़ाहट टटोलते । पर शिव और राज (शिवराज और राजनाथ) दोनों लापता थे, टैम बढ़ता जा रिया था, और दोनो पठठे जाने कहॉं अटक गये थे, जैसे पूरा टाइम गटक गये थे । नेताजी ने आखिरकार भाषण का ऑरिजनल फिलर कोटा खत्‍म होते ही पिछले सरकार के टैम के भाषण शुरू कर दिया और पहुँच गये स्‍व. इन्दिरा गांधी के ओल्‍ड एज में (एज ऑफ इमरजेन्‍सी) बोले नेता जी इन्दिरा जी ने कही हती कि एक ही जादू , कड़ी मेहनत, पक्‍का इरादा, दूरदृष्टि वगैरह वगैरह अब वे इसकी पण्डिताई वाली व्‍याख्‍या में जुट बैठे ।

वे उतारना तो कांग्रेस की चाह रहे थे लेकिन वे भूल गये और इसकी निन्‍दात्‍मक व्‍याख्‍या करते करते प्रदेश की भाजपा सरकार को धोना शुरू कर दिया । उन्‍हें ध्‍यान ही नहीं रहा कि इस समय प्रदेश में कांग्रेस की नहीं भाजपा की सरकार है । और बोले कि भ्रष्‍टाचार और रिश्‍वत का एक ही जादू है जो कि सरकार कर रही है पहला भ्रष्‍टाचार और रिश्‍वत के लिये दूरदृष्टि रखो, सरकार में बैठे मंत्री और अफसरों को हिदायत है कि कहॉं कहॉं से कैसे कैसे कमाई हो सकती है इसके लिये दूरदृष्टि रखों, फिर बोले कि ठिकाने पता लगते ही कड़ी मेहनत करो और भ्रष्‍टाचार और रिश्‍वत के लिये जम कर कड़ी मेहनत करो, फिर बोले तीसरी बात है पक्‍का इरादा यानि पक्‍का इरादा रखो कि सबकी यानि जनता की ठेसनी है यानि जम कर भ्रष्‍टाचार करना हे और रिश्‍वत ऐंठनी हैं । उनकी इन्‍टरेस्टिंग और मनभावन बातें सुन कर पब्लिक के कान खड़े हो गये, और पिन ड्राप सायलेन्‍स छा गया सब अब नेताजी को सुनने लगे ।

नेताजी भी जनता की नब्‍ज पकड़ गये और समझ गये कि सरकार की बुराई करो तो जनता सुनती है वरना कोई घास भी नहीं डालता, नेताजी को अब जोश आने लगा और पण्डित जी के नेताई तेवर लौटने लगे । मगर अफसोस जैसे ही नेता पण्डित जी का मौसम बनना शरू हुआ तब तक आसमान से घड़घड़ की आवाज आयी मजबूरी में नेताजी को माइक से हटना पड़ा ।

शिव आ गये पर राज नहीं आयें । (हम जैसो गुरूघण्‍टालों को पहले से ही पता था कि अकेले शिव आयेंगें राज नहीं आयेंगे ) नेता लोग जनता को बहला फुसला रहे थे कि राज के पुष्‍पक विमान का ए.सी. फेल हो गया सो नहीं आ पाये, हम मुस्‍करा रहे थे, हमने अपने साथ वालों को पहले ही बता दिया था कि अब तो अकेले शिव ही आयेंगें राज नहीं आयेंगें ।

लोग हमें मान गये, जान गये वाह क्‍या भविष्‍यवाणी करता है पठठा । गोया हुआ ये कि बिजली पर कोई बोला हो न बोला हो पर शिवराज सिंह बोले, बिना लाग लपेट खुलकर बोले, रियलाइज किया माफी मांगीं और घिघियाये कि हॉं हम बिजली नहीं दे पाये इसका हमें ओपन दुख है हम इसके लिये गलतीशुदा हैं माफी मांगते हैं लेकिन अगर वर्षा अच्‍छी हुयी और हमारे बांधो में पानी आ गया तो मेरा वायदा है मैं आपको चौबीसों घण्‍टे बिजली दूंगा, यह मेरी गारण्‍टी है ।

भईया शिवराज साइकिल वाले, जब कांग्रेस की सरकार मध्‍यप्रदेश में थी तो तुम्‍हारी भाजपा लालटेन टांग कर (राष्‍ट्रीय जनता दल का चुनाव चिह्न) घूमती थी और लालटेन रैली लालटेन यात्रा निकाला करती थी, अब यार सरकार में आकर पार्टी चेन्‍ज कर समाजवादी पार्टी की साइकिल हथिया लिये हो, गलत बात है ये, बहुत नाइन्‍साफी है । यार भईया शिवराज साइकिल वाले, क्‍यों समाजवादी पार्टी और राष्‍ट्रीय जनता दल के पीछे पड़े रहते हो उन्‍हीं के चुनाव चिह्न अगर इत्‍ते काम के हैं तो यार ज्‍वाइन क्‍यों नहीं कर लेते सपा या राजद । ससुरा कमल किसी काम की नहीं, जब कहीं काम ही नहीं आता तो फेंको ससुरे को, न तो पेट्रोल बचाने के काम का न बिजली समस्‍या बताने का न और किसी मतलब का । क्‍या यार बाहियात चिह्न है । इससे तो कांग्रेस का पंजा ठीक है कम से कम सभाओं में हाथ उठा कर दिखा तो देते हो । मैं एक दिन फोटो चेक कर रहा था, आपका पंजा हिलता देख मैं समझा शायद कांग्रेस ज्‍वाइन कर लिये हो और लोगों को हाथ का पंजा दिखा कर कांग्रेस के लिये वोट की अपील कर रहे हो । वैसे साइकिल से पेट्रोल बचा कर हेलीकॉप्‍टर में भरवा लेते हो गलत बात है ये, सरासर गलत । 

खैर मैं तो अर्ज ये कर रहा था हुजूर कि आपके वायदे के मुताबिक अब तो ताल तलैया पोखर डबरा, बांध बंधैये सब के सब छकाछक्‍क भर कर ओवर फ्लो मार रहे हैं, पर बिजली अब भी काहे नहीं आयी है । सारा दिन सताते हो, रातों को जगाते हो , तुम याद बहुत आते हो । दिग्विजय सिंह से भी ज्‍यादा । इत्‍ती काटनी थी तो यार दिग्‍गी को ही बना रहने देते कम से कम कह बता के तो काटता था । और टैम पता रहता था कि कब सोना है कब जागना है, कब कम्‍प्‍यूटर बन्‍द करना है कब चालू करना है । तुम्‍हारा तो ठीया ही नहीं है । अरे भईया बांध तो भर गये अब का कर रहे हो सो बताओ । या ये वायदा भी 370 खत्‍म करने या मन्दिर बनवाने जैसा ही है । जैसी भी हो थोड़ा लिखा बहुत समझना, रोटी खाओ तो, पानी बिजली आने के बाद ही पीना ।

बिजली के लिये गुस्‍साये किसानों ने दिया मुरैना में विशाल धरना

बिजली के लिये गुस्‍साये किसानों ने दिया मुरैना में विशाल धरना

मुरैना 13 जुलाई 08, बिजली समस्‍या के लिये गुस्‍साये कई गॉंवों के किसानों ने एकत्रित होकर विगत दिवस बिजली कम्‍पनी के सम्‍भागीय मुख्‍यालय मुरैना पर विशाल धरना दिया । इस दम्‍यान एक सभा भी हुयी और भारतीय किसान संघ के बैनर तले एक ज्ञापन भी बिजली कम्‍पनी के भ्रष्‍ट व नाकारा अधिकारीयों को दिया गया ।

किसानों ने अपनी कई समस्‍यायें, और कई विद्युत सबस्‍टेशनों की मांग की । तथा बिजली समस्‍या से तुरन्‍त निजात दिलाने की मांग की ।

 

बिजली पे पंगा, अम्‍बाह में दंगा, बिजली घर में बिजली वालों को किसानों ने ताला ठोक कर किया दाखिल ए हवालात ऑफ पब्लिक

बिजली पे पंगा, अम्‍बाह में दंगा, बिजली घर में बिजली वालों को किसानों ने ताला ठोक कर किया दाखिल ए हवालात ऑफ पब्लिक

 

सरकार राज में किसानों और देशी व्‍यावसायियों का पूर्णत: खात्‍मा

मुरैना 13 जुलाई 08, अम्‍बाह में विगत दिवस बिजली समस्‍या से त्रस्‍त अम्‍बाह वासीयों ने शुक्रवार को बिजली घर पर ताला ठोक कर उसमें मौजूद कर्मचारीयों अधिकारीयों को दाखिल ए हवालात ऑफ पब्लिक कर दिया ।

बिजली कम्‍पनी के दाखिल ए हवालात ऑफ पब्लिक होने की खबर पा कर तहसीलदार ए अम्‍बाह मौके मुआइने और दरियाफ्त को पहुँचे । नाजुक हालात देख तहसीलदासर ने शाम तक बिजली समस्‍या दुरूस्‍त करने का आश्‍्वासन देकर बिजली कम्‍पनी की सरकारी जमानत करायी । तब जाकर न्‍याय औ हूकूमते जनता ने उन्‍हें सशर्त पाबन्‍द कर रिहा किया ।

उल्‍लेखनीय है कि मुरैना जिला में भारी बिजली समस्‍या के चलते सम्‍पूर्ण शहरी व ग्रामीण अंचल में सारा दिन और सारी रात बिजली गोल रहती है । जिससे समूची चम्‍बल घाटी भारी तंग व परेशान है, दोपहर में इन दिनो भारी उमस भरा धमका पड़ता है और रात को लोग मच्‍छरों से परेशान रहते हैं । इससे सारी चम्‍बल में इस समय भारी रोष और आक्रोश व्‍याप्‍त है, पानी सर के ऊपर से गुजरने के बाद अम्‍बाह में यह घटना घटित हुयी ।

पहले निकाली रैली, फूंका शिवराज का पुतला

अम्‍बाह वासीयों ने बिजली कम्‍पनी की तांलाबन्‍दी करने से पहले हजारों लोगों ने विकट पब्लिक रैली निकाली ओर मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का तहसील के सामने पुतला दहन किया । लोगों ने कांग्रेस के खिलाफ भी बिजली समस्‍या नहीं उठाने पर मुर्दाबादी कर डाली । इस जन आन्‍दोलन में किसी राजनीतिक दल को लोगों ने शामिल नहीं किया ।

 

शनिवार, मई 31, 2008

35 घण्‍टे के दरम्‍यां 73 बार कटी बिजली, कटौती का एक नया स्‍टाइल

35 घण्‍टे के दरम्‍यां 73 बार कटी बिजली, कटौती का एक नया स्‍टाइल

टीप इस समाचार के प्रकाशन होते होते के बीच में तीन बार गुल हुयी बिजली (यह वक्‍त इस समाचार में शामिल नहीं किया गया है, आगामी समाचार में अंकित किया जायेगा)  

मुरैना 31 मई 2008, समाचार लिखे जाने के वक्‍त से 35 घण्‍टे पहले से बिजली कटौती की एक नयी शैली अजीबोगरीब अंदाज में बिजली कम्‍पनी ने लागू की है जिसमें एक बार में केवल 10 मिनिट के लिये बिजली काटी जाती है मगर एक घण्‍टे के दरम्‍यां कितनी बार बिजली कटती है, इसका हिसाब आप लगाईये ।

वैसे हाईस्‍कूल इण्‍टर के बच्‍चों के लिये गणित के पाठयक्रम में यह मजेदार सवाल रखा जायेगा तो वाकई उनका गणित बहुत तेज हो जायेगा ।

हिसाब आप लगाईये यानि सवाल आप हल करिये आंकड़े हम देते हैं हमने वक्‍तवार रिकार्डिंग की है । और मुरैना शहर में की जा रही बिजली कटौती के नये व अजीबो गरीब अंदाज से आपको वाकिफ करा रहे हैं । जिसे आप नानस्‍टाप भी नहीं कह सकते और फुल स्‍टाप भी नहीं । आप इसे कामर्शियल ब्रेक जरूर दूरदर्शन वालों की शैली में कह सकते हैं । इसमें रात और दिन दोनों वक्‍त चल रही बिजली कटौती शामिल है ।

शुक्रवार 30 मई 2008 को सुबह 7 बजे से यह नयी शैली लागू होकर शनिवार 31 मई 2008 को शाम 6 बजे तक यह बिजली कटौती रिकार्डिंग की गयी यानि 35 घण्‍टे के दरम्‍यां 73 दफा बिजली कटी, और हर बार केवल 10 मिनिट के लिये बिजली गयी ।

बिजली कटौती जारी है, हमारी रिकार्डिंग भी जारी है ।  

 

मुरैना में बिजली कटौती के चलते शराबीयों ने सब्‍जी मण्‍डी फूंकी

मुरैना 27 मई 2008, आज मंगलवार को बिजली कटौती के चलते अज्ञात कारणों से कुछ उपद्रवी शराबीयों ने मुरैना की सब्‍जी मण्‍डी में आग लगा दी । इस अग्निकाण्‍ड से महज आधा घण्‍टे के अन्‍दर मुरैना की बीच शहर में स्थित सब्‍जी मण्‍डी पूरी तरह जल कर राख हो गयी ।

सूत्रों से प्राप्‍त घटना क्रम के अनुसार रात 9 बज कर बीस मिनिट पर जब शहर की बिजली कटौती के चलते गुल थी उस वक्‍त कुछ शराबीयों ने मुरैना की सब्‍जी मण्‍डी को आग के हवाले कर दिया, और महज आधा घण्‍टे में मण्‍डी जल कर राख के ढेर में तब्‍दील हो गयी । हमारे संवाददाताओं द्वारा ि‍लये गये घटनास्‍थल के चित्र व वीडियों में जहॉं सारी सब्जियां जल भुन गयीं और कोयले में तब्‍दील हो गयीं वहीं फल भी इसी प्रकार जल कर कोयला हो गये ।

चित्र व वीडियो खींचे जाने के वक्‍त तक सब्‍जी मण्‍डी में चारों ओर कोहराम मचा हुआ था और सब्‍जी विक्रेता दहाड़ें मार मार कर रो रहे थे । ग्‍वालियर टाइम्‍स के संवाददाताओं से रिरिया रिरिया कर व घिघिया धिघिया कर उनके दुख को ऊपर तक पहुँचाने के लिये मिन्‍नतें कर रहे थे । वहॉं जो भी राजनेता या पत्रकार पहुच रहा था, सब्‍जी विक्रेता उसी के सामने हाथ जोड़ कर पॉंव पकड़ कर घिघियाने लगते थे ।

उल्‍लेखनीय है कि मुरैना सब्‍जी मण्‍डी में इस अग्निकाण्‍ड से लगभग दस लाख रू की मोटी क्षति हुयी है ।

बिजली कटौती का चम्‍बल में कहर लम्‍बे समय से जारी है, जिसके चलते इन दिनों बीच शहर में 16-17 घण्‍टे की बिजली कटौती की जा रही है, रात्रि के वक्‍त की जाने वाली बिजली कटौती से अपराधी तत्‍व आपराधिक वारदातों को अंजाम देते हैं, पिछले चन्‍द रोज के भीतर कई आपराधिक वारदातें बिजली कटौती के दरम्‍यान ही हुयीं । उसी श्रंखला में बिजली कटौती ने एक और उपलब्धि अपने खाते में जोड़ लीं ।

मुरैना शहर के बीचोंबीच स्थित सबजी मण्‍डी के चौकीदार सनी राइन निवासी डॉ. उवेश वाली गली मुरैना के अनुसार घटना रात 9 बज कर 20 मिनिट पर घटी और आधा घण्‍टे के भीतर पूरी सब्‍जी मण्‍डी जल कर स्‍वाहा हो गयी ।

घटनाकाण्‍ड के दरम्‍यान चौकीदार ने न तो पुलिस को इत्‍तला दी और न फायर ब्रिगेड को, उसके मुताबिक वह इस दरम्‍यान सब्‍जी विक्रेताओं को ही फोन लगाता रहा और तब तक मण्‍डी जल कर कोयले में बदल गयी । चोकीदार की भूमिका मामले में कुछ संदिग्‍ध नजर आ रही है ।

वहीं स्‍थानीय निवासीयों जो कि सब्‍जी मण्‍डी के आस पास के घरों में रहते हैं, उन्‍होंने स्‍थानीय राजनेता, सांसद विधायकों मंत्री पर खुला आरोप लगाया है उनके मुताबिक यह आग जानबूझ कर इन लोगों द्वारा लगवाई गयी है जिससे आने वाले चुनाव में राहत के बहाने सहानुभूति बटोरी जा सके । स्‍थानीय मंत्री रूस्‍तम सिंह से लोग अधिक खफा हैं ।

रोते कल्‍पते सब्‍जी विक्रेताओं में हमने बर्बाद हो चुके सब्‍जी विक्रेताओं राखी शिवहरे पुत्री बनवारी शिवहरे, अशोक पुत्र मूलचन्‍द, ओमप्रकाश पुत्र भरोसी लाल, सलीम पुत्र सुबराती, इस्‍माइल पुत्र इस्‍लाम, फरीद पुत्र कल्‍लू, रमजान पुत्र छोटे खॉं, हसीना पत्‍नी सुलेमान, सुशीला पत्‍नी कीरतराम से चर्चा की सबके सब बिजली कटौती औंर स्‍थानीय विधायक, सांसद और मंत्री को कोस कोस कर बद्दुआयें दे रहे थे ।         

गुरुवार, मई 15, 2008

विद्युत चोरी करने पर एक वर्ष की सजा एवं 20 हजार रूपये का अर्थदण्ड

विद्युत चोरी करने पर एक वर्ष की सजा एवं 20 हजार रूपये का अर्थदण्ड

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पन्ना 14 मई- विद्युत चोरी की रोकथाम हेतु चलाए गए विशेष अभियानान्तर्गत कार्यपालन यंत्री सतर्कता श्री डी0के0 गौतम द्वारा ग्रामीण क्षेत्र पन्ना के ग्राम मनौर में संचालित यादव ढावा का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण्ा के दौरान यादव ढावा में श्रीमती राजकुमार यादव पत्नी श्री रतनसिंह को ढावा परिसर के पीछे से जा रही एल0टी0 लाईन से सीधे तार जोडकर विद्युत चोरी करते पाया गया, जिसके विरूद्व परिपत्र तैयार कर परिवाद पत्र विशेष न्यायाधीश के न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय द्वारा अभियुक्त श्रीमती राजकुमारी यादव को विद्युत चोरी करने का दोषी पाते हुए एक वर्ष की सजा एवं 20 हजार रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किए जाने का आदेश पारित किया गया।