गुरुवार, अगस्त 21, 2008

गुरूवार भी गुल, सुबह 5 बजे से बिजली पर लगा है ग्रहण

गुरूवार भी गुल, सुबह 5 बजे से बिजली पर लगा है ग्रहण

मुरैना/भिण्‍ड/श्‍योपुर 21 अगस्‍त 08, सुबह 5 बजे से गुरूवार  21 अगस्‍त को शुरू हुयी बिजली कटौती खबर लिखे जाने यालि शाम 5 बजे बजे तक रह रह कर चल रही है । अब आगे क्‍या होता है शाम और रात कैसी होगी वक्‍त बतायेगा, फिलहाल बिजली गोल है ।

चालू है बड़े बाबू , अफसरों और मंत्री के मोहल्‍ले की बिजली

बकाया आधे पौने शहर में भले ही बिजली कहर ढाती रही हो लेकिन बड़े बाबू (कलेक्‍टर साहब) और अफसरों तथा लोकल मिनिस्‍टर और अखबार वालों की बिजली चालू बनी रही । हुम्‍फ ये डेमोक्रेसी है भईये, इसमें ऐसा ही चलता है, मियां कह जूती मियां की चांद पर ऐसे ही पड़ती है । 

बुधवार, अगस्त 20, 2008

म.प्र. विकास के पथ पर, जलजला ए बिजली, मंगलवार को रात भर बुध को सबेरे से ही धमाल

म.प्र. विकास के पथ पर, जलजला ए बिजली, मंगलवार को रात भर बुध को सबेरे से ही धमाल

मुरैना 20 अगस्‍त 08, बिजली देने हेतु भारत सरकार के परमाणु करार का विरोध कर भारत की जनता को आगे भविष्‍य में भी बिजली न मिले इसलिये संसद में नंगा नाच नचने वाली म.प्र. की भाजपा शाससित सरकार के सिंगल पॉइण्‍ट स्‍थायी एजेण्‍डा अन्‍धाधुन्‍ध अघोषित बिजली कटौती का जलवा कायम है । ज्ञातव्‍य है कि केवल तीन महीने में चौबीसों घण्‍टे बिजली देने का वायदा करके भारतीय जनता पार्टी म.प्र. में सरकार में आयी थी । पूरे पॉंच साल होने को आये मगर हुजूर अब इस समस्‍या के निवारण के लिये एक जनता से एक टर्म और मांग रहे हैं । अब जनता देगी कि नहीं ये वक्‍त बतायेगा । फिलवक्‍त ताजा समाचार नोट करिये ।  मुरैना शहर के सम्‍भागीय मुख्‍यालय पर, मंगलवार की रात (19- 20 अगस्‍त की दरम्‍यानी रात) जहॉं बिजली रात ढाई बजे गुल हो गयी और वापस सुबह पॉंच बजे वापस दिखी  । इसके बाद सुबह यानि आधे घण्‍टे बाद ही साढ़े पॉंच बजे यानि बुधवार को सबेरे से ही गुल हो गयी । उल्‍लेखनीय है कि शहर के कई इलाकों में पहले से ही कई दिन से बिजली नहीं है ।  खबर लिखे जाने तक बिजली गोल थी । अब देखना है बुधवार का दिन कैसा गुजरता है । 

 

सोमवार, अगस्त 18, 2008

सोमवार भी काला लटका बिजली पे फिर ताला, बिजली ने बरपाया कहर बिजली कटौती चालू आहे

सोमवार भी काला लटका बिजली पे फिर ताला, बिजली ने बरपाया कहर बिजली कटौती चालू आहे  

मुरैना 18 अगस्‍त 08, आज सोमवार 18 अगस्‍त को सुबह बिजली ने आठ बजे से कटौती काण्‍ड प्रारंभ किया, उसके बाद समाचार लिखे जाने के वक्‍त यानि दोपहर 3 बजे तक मुरैना शहर सम्‍भागीय मुख्‍यालय पर बिजली कटौती ने कोहराम मचा दिया है । खबर लिखे जाने तक शहर की सप्‍लाई डम्‍प थी ।

उल्‍लेखनीय है कि विगत 20 दिनों से मुरैना के सम्‍भागीय मुख्‍यालय पर बिजली सप्‍लाई पूरी तरह डम्‍प होकर ठप्‍प पड़ी है । शहर के अनेक मोहल्‍लों में पूर्णत: अंधेरा कायम है ।

सप्‍ताह में कुछ दिन ऐसे होते हैं जब शहर के कुछ मोहल्‍लों में लगभग औसतन हर बीस मिनिट बाद बिजली कटती रहती है और रात को डेढ़ बजे से दो बजे तक बिजली कटने के बाद ही यह सिलसिला चलता है । अनेक बार तो कई कई दिन तक लोग बिजली दर्शन के लिये तरस जाते हैं । यह सम्‍भागीय मुख्‍यालय के हालात हैं । अब जिलो, तहसील और विकासखण्‍ड तथा गॉंवों की क्‍या दशा है यह स्‍वत: समझने की बात है ।

उल्‍लेखनीय है कि अंचल के भिण्‍ड, मुरैना और श्‍योपुर जिलों के क्षेत्र इस समय अघोषित व अन्‍धाधुन्‍ध बिजली कटौती से परेशान हैं, बिजली कम्‍पनी के अधिकारी भारी रिश्‍वत लेकर उद्योगों और मिलों तथा कोल्‍ड स्‍टोरेज को करोड़ों रूपये की बिजली चोरी कराते हैं जिसकी भरपाई के लिये आम जनता को बिजली से महरूम कर इस चोरी की बिल भरपाई नियमित बिल भरने वालों उपभोक्‍ताओं से बिना बिजली दिये बिल वसूली कर की जाती है । ज्ञातव्‍य हो कि प्रदेश की भाजपा सरकार पूर्णत: व्‍यापारीयों व उद्योगपतियों के लिये आत्‍म समर्पित सरकार है । सादकिल चलाकर पेट्रोल बचाने वाले मुख्‍यमंत्री हेलीकॉप्‍टर में हजारों गुना पेट्रोल फूंक कर पहले से ही दागदार और कलंकित हो चुके हैं ।

इन्‍वेस्‍टर मीट और डेस्टिनेशन म.प्र. के नाम पर म.प्र. के अकूत श्रम खजाने और आर्थिक शक्ति को व्‍यापारीयों तथा उद्योगपतियों के हवाले कर देने वाली सरकार गरीब किसानों को महज पत्‍थर गाड़ गाड़ कर ही खुश रहती है ।      

पत्‍थर गाड़ा कब्रिस्‍तानी सरकार ( शिलान्‍यास बनाम कब्रिस्‍तानों का प्रदेश मध्‍यप्रदेश)

और गरीब किसान तथा आम जनता महज लाचार होकर अपने म.प्र . को पत्‍थर गाड़ा कब्रिस्‍तान में तब्‍दील होते देखते रहते हैं । ज्ञातव्‍य है कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने म.प्र. के हर जिले में हजारों पत्‍थर अपने नाम के खुदवा कर गड़वा दिये हैं और काम कहीं भी एक भी शुरू नहीं हुआ है । तमाशा यह भी है कि कई जगह तो शिलान्‍यासी कब्रिस्‍तानी पत्‍थर एक ही योजना या निर्माण के तीन तीन चार चार बार लगा दिये गये हैं अर्थात एक ही योजना के तीन तीन चार चार बार शिलान्‍यास कर डाले हैं खुद सरकार को ही ध्‍यान नहीं रहता कि वह कब किसका कितनी बार शिलान्‍यास कर चुकी है । इस पर पृथक से आलेख हम प्रकाशित करने जा रहे हैं । बिजली कभी आयी तो अवश्‍य आप इसे पढ़ पायेंगें ।  

 

रविवार को बिजली ने बरपाया कहर देर रात तक कटी बिजली

रविवार को बिजली ने बरपाया कहर देर रात तक कटी बिजली

मुरैना 18 अगस्‍त 08, कल रविवार 17 अगस्‍त को सुबह बिजली ने साढ़े छ: बजे से कटौती काण्‍ड प्रारंभ किया, उसके बाद शाम 5 बजे के बाद तो मुरैना शहर सम्‍भागीय मुख्‍यालय पर बिजली कटौती ने कोहराम मचा दिया ।

लगभग औसतन हर बीस मिनिट बाद बिजली कटती रही और रात को डेढ़ बजे से दो बजे तक बिजली कटने के बाद ही यह सिलसिला थमा । 

 

????????? ?????? ????

शुक्रवार, अगस्त 15, 2008

भीषण अघोषित बिजली कटौती गुरूवार को भी जारी रही

भीषण अघोषित बिजली कटौती गुरूवार को भी जारी रही

मुरैना 15 अगस्‍त 08, गुरूवार 14 अगस्‍त को भी चम्‍बल के सम्‍भागीय मुख्‍यालय पर हो रही दनादन अघोषित बिजली कटौती जारी रही जिसके चलते सुबह साढ़े सात बजे से रात साढ़े दस बजे तक शहर में बिजली कटौती चली । वही ल्रभग आधे मोहल्‍लों में पिछले दस रोज से आज तक बिजली सप्‍लाई पूरी तरह बन्‍द है । बिजली कटौती पर विस्‍तृत आलेख का प्रकाशन (यह आलेख 90 फीसदी तैयार है लेकिन भारी बिजली कटौती के चलते पूर्ण होकर प्रकाशित नहीं कर पा रहे हैं इसका हमें खेद है ) शीघ्र ही प्रकाशित होगा ।

 

रविवार, जुलाई 20, 2008

लो भैंस ने पूंछ भी उठा दी और गोबर भी कर दिया, शनिवार रात साढ़े 12 बजे तक गुल रही बिजली

लो भैंस ने पूंछ भी उठा दी और गोबर भी कर दिया, शनिवार रात साढ़े 12 बजे तक गुल रही बिजली

मुरैना/भिण्‍ड/श्‍योपुर 20 जुलाई, सुबह 8 बजे से शनिवार 19 जुलाई को शुरू हुयी बिजली कटौती रात साझ़े 12 बजे तक रह रह कर चलती रही । खैर ये तो होना ही था । कल हुये प्रकाशित समाचार के बाद तो यह सफां लाजमी था । वैसे आपको बतातें चलें हमने तो यह समाचार जानबूढ कर देरी से प्रकाशित किया था ग्‍वालियर और मुरैना से प्रकाशित सभी अखबारों में यह पहले ही छप चुका था ।

हमारी चम्‍बल में एक कहावत है कि भैंस पूंछ उठायेगी तो क्‍या करेगी, चतुर लोग इसका अपने आप उत्‍तर दे देते हैं कि गोबर करेगी और क्‍या करेगी ।

लो भैंस रोजाना पूंछ भी उठा रही है और गोबर भी दनादन अन्‍धाधुन्‍ध कर रही है ।

चालू रही बड़े बाबू , अफसरों और मंत्री के मोहल्‍ले की बिजली

बकाया आधे पौने शहर में भले ही बिजली कहर ढाती रही हो लेकिन बड़े बाबू (कलेक्‍टर साहब) और अफसरों तथा लोकल मिनिस्‍टर और अखबार वालों की बिजली चालू बनी रही । हुम्‍फ ये डेमोक्रेसी है भईये, इसमें ऐसा ही चलता है, मियां कह जूती मियां की चांद पर ऐसे ही पड़ती है ।