बुधवार, दिसंबर 31, 2008

जारी है सबेरे की बिजली कटौती

जारी है सबेरे की बिजली कटौती

मुरैना 27 दिसम्बर चंबल के शहर और गाँव इन दिनों बिजली कटौती की तगडी मार झेल रहे हैं ! कारण वही पुराना है चुनावी बदला ! उल्लेखनीय है कि ताजा विधानसभा चुनावों में म.प्र. में सत्ताधारी भाजपा का ग्वालियर चंबल में सूपडा साफ हो गया था !
आम जनता का मत है कि उसी का बदला लेने और सबक सिखाने के लिये पूरी रात और पूरे दिन अघोषित अँधाधुंध बिजली कटोती की जा रही है !
वैसे तो भाजपा शासन काल के बीते पाँच साल में एक भी दिन ऐसा नहीं आया जब बिजली कटौती नहीं हुयी हो !
स्थिति यहाँ तक बदतर हुयी कि हाल ही में संपन्न हुये विधानसभा निर्वाचन के दौरान ही आयोग के निर्देशों के बावजूद मतदान के दरम्याँ पाँच दफे आधा आधा घण्टे के लिये और मतगणना के वक्त तीन बार इसी तरह बिजली गुल हुयी और इसके साथ ही बुरी तरह हार रहे उम्मीदवार अचानक चुनाव जीतने लगे ! करीब 35 से 46 सीटों पर जिला कलेक्टरों द्वारा चुनाव परिणाम बदल दिये गये !
पहली बार म.प्र. के चुनाव परिणामों में हुयी खुली बेइमानी पर जनता खुल कर मुखर होकर बोली । और अंजाम यह है कि येन केन प्रकारेण सत्ता हासिल करने से शिवराज सरकार पाकिस्तानी राष्ट्रपति जरदारी की भाँति लोगों की नजर में गिर गये । अब प्रदेश में सत्ता भले ही शिवराज सिंह की हो लेकिन उसका जनभाव एक उपहासित व घ्रणास्पद शासन का ही है ।
ग्वालियर टाइम्स ने चुनाव से काफी पहले ही म.प्र. में निष्पक्ष चुनाव न होने के खतरे से आगाह कर दिया गया था और इस संबंध में विस्त्रत आलेख भी प्रकाशित किया था जिस पर भारत के निर्वाचन आयुक्त श्री नवीन चावला द्वारा तत्काल ग्वालिय़र चंबल का दौरा कर हालातों का जायजा भी लिया गया था, लेकिन आयोग की सभी निष्पक्ष निर्वाचन की अवधारणाओं को धता बताते हुये सारे मतगणना परिणाम बदल कर पूर्व से तयशुदा परिणामों में बदल दिये गये !
यद्यपि इस मसले पर उमा भारती पहले ही काफी बोल चुकीं हैं और अब काँग्रेस भी 30 दिसम्बर को धिक्कार सभा आयोजित कर रही है ! काँग्रेस द्वारा भी मतगणना परिणाम बदले जाने का आरोप लगाया है ! इस पर विस्तार से रिपोर्ट हम पृथक से आँखों देखी के रुप में प्रकाशित करेंगे !
फिलहाल बिजली कटोती का आलम यह है कि सबेरे 5 बजे गुल हुयी बिजली इस खबर के प्रकाशन तक यानि दोपहर 11 बज कर 17 मिनिट तक वापस नहीं आयी थी ! यह समाचार मोबाइल फोन के जरिये जारी किया गया !

गुरुवार, दिसंबर 25, 2008

बिजली सप्‍लाई ध्‍वस्‍त, सारी रात गोल रही बिजली, बिजली कर्मी बोला भोपाल से कटवाई गयी है बिजली

बिजली सप्‍लाई ध्‍वस्‍त, सारी रात गोल रही बिजली, बिजली कर्मी बोला भोपाल से कटवाई गयी है बिजली  

मुरैना 25 दिसम्‍बर 2008, मुरैना शहर इन दिनों जहॉं प्रात: काल अघोषित रूप से सबेरे 5 बजे से 7 बजे तक कटने वाली बिजली और नियमित कटौती प्रात: 8 बजे से साढ़े 10 बजे तक से परेशान व त्रस्‍त है वहीं 24 दिसम्‍बर को रात 9 बजे से प्रात: 3 बतकर 45 मिनिट तक गांधी कालोनी गोपालपुरा, संजय कालोनी और गणेशपुरा पूरी तरह अंधेरे में डूबे रहे ।

इसके बाद प्रात: 5 बजे दोबारा बिजली काट दी गयी ।

उल्‍लेखनीय है कि रात्रि को लगभग 12 बजे ग्‍वालियर टाइम्‍स ने बिजली घर इस सम्‍बन्‍ध में चर्चा की तो अटैण्‍डर का कहना था कि भोपाल से बिजली कटवाई गयी है भोपाल बात करो । और हॉं जानबूझ कर आपकी बिजली कटवाई गयी है । यह पूछने पर कि किसने कटवाई है भोपाल से बिजली, उसने छूटते ही कहा कि अनूप मिश्रा ने कलेक्‍टर से कहा है, और कलेक्‍टर ने हमसे कहा है ।   

 

बुधवार, दिसंबर 24, 2008

सबेरे 5 बजे शुरू होती है बिजली कटौती, पानी की बूंद बूंद को तरसे शहरवासी

सबेरे 5 बजे शुरू होती है बिजली कटौती, पानी की बूंद बूंद को तरसे शहरवासी

मुरैना 24 दिसम्‍बर 2008, मुरैना शहर संभागीय मुख्‍यालय पर नियमित बिजली कटौती सुबह 8 बजे से साढ़े दस बजे के अलावा इन दिनों सबेरे 5 बजे से सबेरे 7 बजे तक अद्भुत बिजली कटौती की जाती है ।

इस बिजली कटौती के कारण जहॉं शहरवासी प्रात: काल में पानी नहीं भर पाते वहीं, सर्दी में गृहणियां भी काम काज नहीं कर पातीं । स्‍कूली बच्‍चों और कोचिंग छात्रों की दशा और भी ज्‍यादा दयनीय है । जहॉं कई छात्रों की परीक्षायें वर्तमान में चल रहीं हैं तो कई छात्र आने वाली परीक्षाओं की तैयारी में लगे हैं । उनका स्‍वर्णिम भविष्‍य चौपट होना तय है ।

 

 

गुरुवार, दिसंबर 18, 2008

पावर गोल डब्बा गोल ये कैसा आतंकवाद है भई

पावर गोल डब्बा गोल ये कैसा आतंकवाद है भई

मुरैना 18 दिसम्बर , भये चुनाव लला अब काहे की बिजली ! पूरे दिन और रात भर कटौती का कोहराम मचाती बिजली का तो यही संदेश है ! आप इसे राजनैतिक बदला या आतंकवाद कह लीजिये वैसे ग्वालियर चंबल का मीडिया तो इसे राजनीतिक प्रतिशोध बोल रहा ही है ! वैसे सच ये है कि ग्रामीण क्षेत्रोँ की दशा तो और भी ज्यादा बुरी है ! जनता की समस्या केवल बिजली कटौती तक ही हो ऐसा नहीं है , वोल्टेज फ्लक्चुयेशन्स भी कोई कम कहरकिया नहीं है, तकरीबन 60 वोल्ट से लेकर 500 वोल्ट तक चल रहे उच्चावच से जहाँ सैकडोँ लोगोँ के कीमती उपकरण अब फुँक कर लोगों का करोडोँ का नुकसान हो चुका है वहीँ आम जनता का रोजगार धन्धा पूरी तरह चौपट हो चुका है ! जनता की समस्याओं से कोई सरोकार न रखने वाली सरकार के नान टेक्नीकल मुख्यमंत्री और प्रशासन होने का भरपूर लाभ भ्रष्ट बिजली अधिकारी उठाते हैं और जम कर मूर्ख बनाते रहते हैँ !
जहाँ अन्धी अघोषित बिजली कटौती का दंश जनता झेल रही है वहीं म.प्र. में व्याप्त भारी बेरोजगारी के चलते लाखोँ का कर्ज लेकर स्वरोजगारी युवा बिजली टेंशन के चलते जहाँ भुखमरी और बदहाली में आत्महत्यायें कर रहें हैं वहीँ आपराधिक कार्योँ से भी जुड रहे हैं !
मालिक के बजाय नौकर बनाने पर तुली सरकार के खिलाफ अँचल के युवाओँ में भारी रोष व आक्रोष व्याप्त है !

 

बुधवार, नवंबर 19, 2008

GREAT POWER CUT AT CHAMBAL, SUPPLY FAILURE TOTALLY, STAFF DUMPED WITH WINE DRUNK

GREAT POWER CUT AT CHAMBAL, SUPPLY FAILURE TOTALLY, STAFF DUMPED WITH WINE DRUNK

 

Morena 19 Nov, here is great undeclared power cut is continued since last month for whole of day night.
Since last four days power cut is continue after every five minute. When Gwalior times talked about such poor situation to officials on duty. The concerned officials drank wine heavily.
Junior engineer. Some body goyal said he don’t know what is meaning of fuse of call register, there is no such register available at his office or at bizalighar. There was no power at the time of release of this news since last 4 days

बुधवार, नवंबर 05, 2008

निगम की विघुत वितरण कम्पनी पर कोई देनदारी बकाया नही

निगम की विघुत वितरण कम्पनी पर कोई देनदारी बकाया नही

ग्वालियर दिनांक 4 नवम्बर 2008:    ग्वालियर नगर निगम ग्वालियर पर विघुत मण्डल का कोई राशि बकाया नही उल्टे नगर निगम विधुत मण्डल को 90.18 लाख की राशि अधिक व्यय कर चुका है जिसका भुगतान भविष्य के दिनों में समयोजित किया जावेगा । उक्त आशय की जानकारी निगमायुक्त डॉ पवन कुमार शर्मा द्वारा मध्य प्रदेश विघुत वितरण कम्पनी के लिमिटेड के मुख्य अभियंता एस.एल गुप्ता को उनके दिनांक 13.10.08 के विघुत बिल तथा स्थानीय समाचार पत्र के दिये गये बकाया राशि के संबध में जारी वयान के संबंध में पत्र लिखकर दी गई ।

हाल ही में विघुत वितरण कम्पीन लिमिटेड द्वारा एक स्थानीय समाचार पत्र में दी जानकारी में बताया गया कि नगर निगम की  मध्यप्रदेश विघुत वितरण कम्पनी पर करोडो की वकायादारी है, जब की वस्तुस्थिति इस प्रकार है कि मध्यप्रदेश विघुत वितरण कम्पनी से संबंधित जो स्ट्रीट लाईट एवं विद्युत के देयक निगम के अधीनस्थ कार्यालयों में प्रस्तुत किये गये है उसके अनुसार निगम मुख्यालय में वर्ष 2006-07 में 1108.00, वर्ष 2007-08 में 949.77, वर्ष 2008-09 में माह अगस्त तक 344.02 कुल राशि रूपये 2401.79 लाख के देयक प्रस्तुत किये गये हैं जबकि मध्यप्रदेश विघुत वितरण कम्पनी द्वारा  रूपये 3310.11 लाख के देयक अगस्त माह तक जारी होना बताया गया है। इस प्रकार निगम और विद्युत विभाग से जारी देयकों के आंकड़ो में रूपये 908.32 लाख का अंतर है। ये देयक अधीनस्थ कार्यालयों से सत्यापित होकर प्राप्त नहीं हुये हैं।

(02) मध्यप्रदेश विघुत वितरण कम्पनी     द्वारा वर्ष 2006-07 के आरंभ में रूपये 475.81 लाख का बकया बताया गया है जबकि मध्यप्रदेश विघुत वितरण कम्पनी के भोपाल स्थित मुख्यालय द्वारा जारी सूची अनुसार निगम के 01/04/2006 की स्थिति में पूर्व बकाया 323.04 लाख सूचित हुआ था। इस प्रकार मध्यप्रदेश विघुत वितरण कम्पनी के पास बकाया में रूपये 152.77 लाख का अंतर है। निगम अभिलेखों के अनुसार पूर्व बकाया 323.04 एवं निगम मुख्यालय में प्राप्त देयक 2401.79 कुल रूपये 2724.83 लाख की राशि मध्यप्रदेश विघुत वितरण कम्पनी देना निकलती है।

 

       नगर निगम ग्वालियर द्वारा मध्यप्रदेश विघुत वितरण कम्पनी को 1100.41 लाख का नगद भुगतान एवं चुंगी क्षतिपूर्ति से शासन स्तर पर 1407.82 लाख किया गया है। इसके अतिरिक्त मध्यप्रदेश विघुत वितरण कम्पनी द्वारा लीजरेंट 306.78 लाख नहीं जोड़े गये हैं, इस राशि को मिलाकर नगर निगम ग्वालियर की ओर से मध्यप्रदेश विघुत वितरण कम्पनी पर रूपये 2815.01 लाख की राशि पहुॅच चुकी है। इस प्रकार निगम की पूर्व बकाया 2724.83 में से 90.18 लाख रूपये की अधिक राशि मध्यप्रदेश विघुत वितरण कम्पनी पर पहुॅच चुकी है। लीजरेंज के संबंध में मध्यप्रदेश विघुत वितरण कम्पनी का यह कहना कि उन पर मात्र 4.94 लाख रूपये देय होता है सही नहीं है, क्यों कि लीजडीड उनके आवेदन पर परिषद द्वारा निर्धारित दराें पर आवंटित की गई थी, यदि विद्युत कम्पनी को उक्त लीजों की आवश्यकता नहीं थी तो उन्हें यथा समय समर्पित करना था जो मध्यप्रदेश विघुत वितरण कम्पनी द्वारा नहीं किया गया, इससे जहॉ एक ओर निगम को राजस्व कीहानि हुई है वहीं उक्त भूमि का सार्वजनिक हित में निगम द्वारा उपयोग नहीं किया जा सका, इस कारण अर्ध्दन्यायिक सिध्दांत के आधार पर मध्यप्रदेश विघुत वितरण कम्पनी द्वारा समर्पित न की गई लीजों की आज दिनांक तक लीजरेंट एवं प्रीमियम देने का दायित्व बनता है।

 

       उपरोक्त से स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश विघुत वितरण कम्पनी और निगम के आंकड़ों में अंतर है। जिसका मुख्य कारण मध्यप्रदेश विघुत वितरण कम्पनी द्वारा जो रूपये 908.32 लाख अधिक की डिमांड बताई गई है वह वास्तव में देय नहीं है क्यों कि वर्तमान में माह अगस्त के बाद भी उतनी ही राशि के औसतन बिल जारी किये जा रहे हैं जो पूर्व में किये जाते थे। जहॉ तक सरचार्ज का प्रश्न है तो वह निगम द्वारा देय नहीं है क्यों कि चुंगी क्षतिपूर्ति से शासन स्तर पर जो कटोत्रा हो रहा है वह नियत तिथि से पूर्व हो जाता है, वहीं नगद भुगतान मध्यप्रदेश विघुत वितरण कम्पनी को नियमित रूप से किया जा रहा है। इस कारण मध्यप्रदेश विघुत वितरण कम्पनी द्वारा मांगा गया सरचार्ज रूपये 122.24 लाख मान्य योग्य नहीं है।

       निगमायुक्त डॉ पवन कुमार शर्मा ने मध्यप्रदश कम्पनी लिमिटेड द्वारा प्रस्तुत डिमाड औरवसूली में भिन्नता के लिये दोनो विभागो के इजीनियरों को बैठ कर निराकरण करने के निर्देश दिये है ।

 

मंगलवार, नवंबर 04, 2008

लोक उपयोगी अदालत ने एक हजार रूपये का हर्जाना दिलाया

लोक उपयोगी अदालत ने एक हजार रूपये का हर्जाना दिलाया

ग्वालियर 3 नवम्बर 08 । लोक उपयोगी स्थाई लोक अदालत ने श्रीमती शोभना वैध को विद्युत मीटर व्यय एवं मानसिक पीड़ा पहुंचाने के लिये विद्युत मंडल को एक हजार रूपये की राशि प्रदान करने के निर्देश दिये हैं ।

       प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला न्यायालय परिसर ग्वालियर में आयोजित स्थाई लोक अदालत में ग्वालियर कम्पू निवासी श्रीमती शोभना वैध ने अर्जी दी थी कि विद्युत विभाग द्वारा बिजली चले जाने के उपरांत विद्युत मीटर फुंग गया था । तदुपरांत विभाग द्वारा नवीन मीटर लगाते समय श्रीमती जैन से 920 रूपये ले लिये थे । इस प्रकरण में स्थाई लोक अदालत में सुनवाई पीठ की अध्यक्ष श्रीमती गिरवाला सिंह प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश ग्वालियर , सदस्य श्री ओ पी भार्गव, कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण एवं श्रीमती अर्चना शिंगवेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ अधिकारी द्वारा की गई । पीठ ने विचारोपरांत श्रीमती शोभन वैध को मीटर व्यय सहित मानसिक पीड़ा के लिये विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 2002 की धारा 22(ग)(ब) के अन्तर्गत एक माह में एक हजार रूपये राशि अदा करने का आदेश दिया है ।