गुरुवार, मार्च 31, 2016

जब दिल में उल्फत हो , दूर दूर तक ना नफरत हो , तब होती है ऐसी यारी रिश्तेदारी


जब दिल में उल्फत हो , दूर दूर तक ना नफरत हो , तब होती है ऐसी यारी रिश्तेदारी
And Something Special for You. This Holi Special . The Super Popular Baaghi Sardar of Chambal Late. Madho Singh ( Madho Singh - Mohar Singh Giroh) Son, Mr. Sahdev Singh Bhadoriya Playing Holi with Me. ... A super Shot at my House. होली विशेष : चम्बल के मशहूर बागी सरदार स्व. माधौ सिंह ( माधौ सिंह - मोहर सिंह गिरोह) के बागी सरदार स्व. माधौ सिंह के सुपुत्र श्री सहदेव सिंह भदौरिया के साथ अबकी बार खेली गई हमारी होली का एक सुपर चित्र - यूं कि ये रंग रोगन सहदेव सिंह को हमीं ने पोता है .. जरा दिल से , जरा तबियत से - नरेन्द्र सिंह तोमर ''आनन्द'' , मुरैना म.प्र.

रविवार, दिसंबर 20, 2015

फेसबुक पर कृपया इस प्रोफाइल में अब मित्रता अनुरोध न भेजें , हमारी अन्य प्रोफाइलें भी हैं , कृपया वहॉं जाकर हमसे जुड़ें - एक विनम्र अनुरोध - नरेन्द्र सिंह तोमर ''आनन्द''

This Post already Published yesterday at my Facebook Profile https://www.facebook.com/narendrasinghtomar/ and also at automatically tweeted by Facebook at my Twitter Account https://twitter.com/narendra_singh and already shared some super top official of Govt. of India . Now it is Broadcasting through our wireless over to air system to throughout the world and releasing also through Gwalior Times worldwide with our channel partners Google and 300 more worldwide partners of our network. its copy through broadcasting also sending to C. B. I. Madhya Pradesh and also to officials of Lokayukt of Madhya Pradesh with All Ministers og Govt. of India and other States with Madhya Pradesh All concerned I. A. S's and I. P. S.'s. with Prime Minister of India, All Super Top Politicians and officials of All Parties and Govt's. Look just it is Published yesterday .
फेसबुक पर कृपया इस प्रोफाइल में अब मित्रता अनुरोध न भेजें , हमारी अन्य प्रोफाइलें भी हैं , कृपया वहॉं जाकर हमसे जुड़ें - एक विनम्र अनुरोध - नरेन्द्र सिंह तोमर ''आनन्द''
प्रिय मित्रगण , फेसबुक की हमार इस प्रोफाइल पर आपके रोजाना निरंतर व दनादन मित्रता निवेदन मिल रहे हैं, और कुछ अनावश्यक या आवश्यक टैगिंग भी बहुत ज्यादा मिल रही है । अत: यह अनुरोध लिखना आवश्यक प्रतीत हुआ । दरअसल एक तो हमारी यह प्रोफाइल वर्षों से मित्रता सूची के तौर पर 5 हजार मित्रों की पूरी संख्या से भरी पूरी होकर एकदम से फुल चल रही है । एकाध दो चार कभी कोई मित्र कम होता है तो हम नया कोई मित्र उसमें जोड़ कर फिर पूरी 5 हजार कर देते हैं । अभी हमने देखा कि इस समय करीब 500 से ज्यादा मित्रता अनुरोध स्वीकृति के लिये लंबित हैं । अत: दो बातें हम कहना चाहेंगें कि एक तो यह कि जो हमारे बहुत वर्षों से पुराने मित्र हैं और हमसे जुड़े हैं , उन्हें हम अपनी सूची से हटाना नहीं चाहते , यहॉं तक कि हमारे पुराने मित्र प्रसिद्ध पत्रकार स्व. आलोक तोमर और बंगाल के शंभूनाथ पाण्डेय जी को उनके निधन के बाद भी हमने अपनी सूची से आज तक विलोपित नहीं किया यानि हटाया नहीं है , उनसे इस फेसबुक पर हमारी बहुत सी यादें जुड़ी हैं । इसी प्रकार यह भी कि जो निष्क्र‍िय मित्र हैं और हमें यह लगता है कि उन्हें हमारी मित्र सूची में रखने या न रखने का कोई औचित्य नहीं है और वे कभी हमारी प्रोफाइल की ओर आते भी नहीं , उनके संबंध में हटाये जाने व सूची खाली किये जाने संबंधी निर्णय हम अब अगले साल ही यानि जनवरी 2016 में ही लेंगें , कम से कम इस साल तो कतई नहीं , और इस साल के समाप्त होने में महज अब 12 दिन बाकी हैं । तीसरी अहम बात यह कि हमारे फैसलों के पीछे हमारा मन , आत्मा , ईश्वरीय , शास्त्रीय व ग्रंथों में में उपलब्ध सिद्धांत , कुदरत के इशारे आदि काम करते हैं , हम तदनुसार ही अपने फैसले करते हैं और विशेषकर ज्योतिष इसमें अहम भूमिका अदा करता है , और ज्योतिषीय सिद्धांतों व संकेतों के आधार पर अपने कार्य व निर्णय तय करते हैं । जनवरी में बहुत बड़े दो ज्योतिषीय परिवर्तन होने जा रहे हैं , तथा 22 दिसंबर से सूर्य उत्तरायण होने जा रहे हैं और देवताओं की रात्रि समाप्त होकर उनका दिन शुरू होगा व राक्षसों का दिन समाप्त होकर उनका रात्रिकाल शुरू होगा और सब बदलावों पर हमारी गहरी नजर है , उसके बाद का गणि‍त फलित क्या कहता है , इसके विश्लेषण के बाद ही हम अपने कार्य व नीतियों का निर्धारण करेंगें । तब फैसला लेंगें कि अपनी फेसबुक मित्रसूची से किसे निकालें और किसे जोड़ें । तथा असली जीवन में भी अपनी कार्य व नीति निर्धारण करेंगें । यही वह खास वजह है कि हमारी टेबल पर मुरैना जिला से संबंध रखने वाले दो बहुत बड़े पुलिस केस दर्ज कराये जाने हेतु लंबित हैं , जो बड़े बड़े तीस मरखाओं के न केवल होश उड़ा देंगें , वरन उन्हें राजा से रंक बना कर जेल तक पहुँचा देंगें , दोनों ही केस बहुत बड़ी व बहुत छोटी हस्त‍ियों से ताल्लुक रखते हैं । किन्तु इन्हीं ज्योतिषीय व ईश्वरीय सिद्धांतों , संकेतो व नीतियों पर अमल करने की हमारी आदत बहुत पुरानी है , लिहाजा उन्हें भी हम लंबे समय से रोके हुये हैं , हमारी आदत चौतरफा हमला करने की है , हम चारों ओर से घेरकर मारते हैं या मौत के घाट उतारते हैं । और तीन तरफा घेरा हम पहले से ही डाल चुके हैं , बस अब सीधा हमला बाकी है । जब इतने महत्वपूर्ण कार्य को हमने रोका हुआ है , जिसमें ऐसे महत्वपूर्ण व जीतने वाले श्रेयपूर्ण कार्यो के लिये लोग तरसा करते हैं , ऐसे न जाने कितने काम हम कर चुके हैं , लेकिन नाम से या प्रचार से बचते हैं । लिहाजा हमारा टारगेट केवल टारगेट रहता है , उसका चर्चा नहीं । नाम तो हमारा पहले से ही बहुत नामवर कह लीजिये या बदनाम कह लीजिये , बहुत जबरदस्त विख्यात या कुख्यात हैॅ । अत: जिसे मारना है, बचाना हैॅ सब काम अगले साल ही करेंगें । दूसरे चूंकि अब हमारे पास व्यस्तता और काम की बहुत ज्यादा मसरूफियत है , हमें न केवल मीडिया का ही वरन , घर परिवार , खेती बाड़ी, वकालत, गांव , रिश्तेदारी , व्यवहार सहित तमाम भूमिकायें निभाने के साथ , परेशान प व मजलूम लोगों को सुनना व उनकी समस्या का समाधान व निराकरण भी करना पड़ता है , कभी कभी कई गांवों में जाकर पंचायतें सुननी पड़ती व उनमें अपने फैसले सुनाने पड़ते हैं । दूसरे चूंकि अब आगे अले साल से और बड़ी कुछ जिम्मेवारीयां आने वाली हैं , कुछ पारिवारिक तो कुछ व्यावसाय‍िक , कुछ संपत्त‍ि संबंधी , अत: अब व्यस्तता और ज्यादा बढने वाली है । उधर ग्वालियर में मकान बनना है , दिल्ली में जबरदस्ती अपने आप ही कुलदेवी की कृपा व आशीर्वाद से आश्रम शुरू हो गया है , वहां भी अब दौड़धूप लगातार रहेगी , दिल्ली का दूसरा दौरा भी जनवरी में करना है । वहॉं और भी कुछ दैवीय कृपा से कुछ गोपनीय व बहुत बड़े काम निबटाने हैं । लिहाजा दूसरी बात यह कि राजनीति से हम स्वयं बाहर निकल कर या छोड़ कर आये हैं , अत: राजनीतिक दल यह उम्मीद कतई न करे कि हम उनकी मर्जी से कोई काम करेंगें या कुछ लिखेंगें । मुरैना का बिजली विभाग हम पर खासा मेहरबान है, जिसकी तमाम अनिराकृत कंपलैंटस पहले से ही दर्ज हैं,ओर दो कंपलैंटस भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार व कार्मिक मंत्रालय में दर्ज हैं जो आज तक अनिराकृत हैं , जिनमें से एक कंपलैंट सीधे मुरैना सांसद, मुरैना कलेक्टर व ऊर्जा विभाग म.प्र. के प्रमुख सचिव सहित कई अन्य लोगों के विरूद्ध दर्ज है , जो कि अभी कार्यवाही के आधीन है । इस कंपलैंट के बाद तो जैसा आमतौर पर भारत में होता है , वही धमकाना , आतंकित करना और कंपलैंट वापस लेने के लिये हर किस्म की जोर आजमाइशें व पूरी ताकत लोग लगाते हैं सो लगाई जा रहीं हैं , हमारी बिजली लिहाजा जरूररत से ज्यादा रोजाना जानबूझ कर काटी जा रही है । खैर चुकि भ्रष्टाचार व सरकारी नाकारापन सरकारी बदतमीजी से जंग लड़ने के हम बहुत पुराने जंगबाज हैं , और धूल चटा कर जमींदोज कर नाम नक्शा इतिहास भूगोल सब मिटा देने का हमारा बहुत पुराना इतिहास है , वह तो खैर हम निबट ही लेंगें । ये तो बहुत ही छोटे जीव जंतु हैं जो अपनी जात व औकात के साथ अपने पदों की पॉवर दिखा रहे हैं , और यह सब हम बहुत बार बहुत सी ऐसी जंगों में देख चुके हैं और उनके अंजाम भी लिख चुके हैं । खैर माजरे से वाकिफ हैं हम, मगर अंजाम से वाकिफ नहीं है वे , हमारी पुरानी हिस्ट्री देख लेते या पता लगा लेते तो शायद ऐसी हिमाकत और जुर्रत न करते । बस यही अनुरोध है आप सबसे कि कृपया अभी नवीन मित्रता निवेदन यहॉं फेसबुक पर न भेजें , फिलहाल इस साल न हम किसी को हटाने जा रहे हैं और न जोड़ने , जो हैं सो फिलवक्त जस के तस ही रहेंगें , अगर एकाध दो चार कम हुये तो उसकी पूर्ति अवश्य कर देंगें । चूंकि म.प्र. या मुरैना में या विशेषकर हमारे यहां बिजली का कोई भरोसा नहीं रहता और नये साल पर बिजली रहे या न रहे अत: बीते और जाते साल 2015 की विदाई की इस घडी में आप सभी को नवीन आगत वर्ष 2016 की अग्रिम शुभकामनायें व बधाईयां जय श्री कृष्ण ... जय जय श्री राधे - आपका अपना नरेन्द्र सिंह तोमर ''आनन्द''

मंगलवार, अगस्त 25, 2015

नदी तो साली कहीं है है ही नहीं , मगर मगरमच्छ चारा चुग रहे हैं करोड़ों का हर साल , किस्सा मुरैना की बिजली का

नदी तो साली कहीं है है ही नहीं , मगर मगरमच्छ चारा चुग रहे हैं करोड़ों का हर साल , किस्सा मुरैना की बिजली का
- नरेन्द्र सिंह तोमर ''आनन्द''
बिजली विभाग मुरैना ( मध्य क्षेत्र विद्य़ुत वितरण कंपनी) के आफिसर्स के विरूद्ध बड़ी पुलिस कार्यवाही ( आजीवन कारावास तक की सजा की ) करने की तैयारी , कलेक्टर मुरैना फर्जी बिलिंग और कूटरचित बिलिंग से नाराज , न खंबे न तार , फिर भी मुरैना के सारे गॉंवों के किसान बना दिये बिजली विभाग ने फर्जी बिल दे देकर डिफाल्टर
कलेक्टर मुरैना शिल्पा गुप्ता ने दिये सत्यापन और प्रमाणीकरण के आदेश , दिये और कहा अगर निकला मामला फर्जी बिलिंग का सही तो दर्ज होगी एफ. आई.आर.
बेशक कलेक्टर मुरैना शिल्पा गुप्ता चौपाल कार्यक्रम के तहत अब तक जहॉं जहॉं जिन जिन गॉंवों में गई हैं , हर गॉंव में यही आलम मिला है , न खंबे , न बिजली के तार , बरसों बरस से युग बीत गये गॉंव वालों ने बिजली कभी देखी नहीं , सुनी नहीं , मगर हर महीने बाकायदा हर गॉंव में हर किसान पर बिजली के बिल पहुँच रहे हैं , गोया आलम ये है कि मुरैना जिला विशेषकर कई चुनिन्दा क्षेत्र ऐसे हैं जहॉं , अत्याचार और जुल्म अपनी सारी सरहदें पार कर गया है ।
जहॉं बिजली है ही नहीं , या कभी पहुँची ही नहीं , वहॉं के लाखों किसान , बिजली विभाग के करोड़ों रूपये के अनबूझ डिफाल्टर हैं , मतलब साफ कि अपराधी हैं , मतलब साफ कि किसी प्रकार का कोई चुनाव नहीं लड़ सकते, मतलब ये कि सारे निर्दोष ही दोषी हैं , और दोषीयों की अदालत का हकुम औ फरमान ये कि सारे निदोष दोषी , अब वे न तो थाने में जमा आत्मरक्षार्थ अपनी बंदूकें वापस ले सकेंगें और न किसी बैंक से लोन , न खेती खाद के लिये कोई कर्ज या सहायता , न किसी योजना का लाभ ही उठा सकेंगें ।
आजीवन कारावास से दंडनीय है , फर्जी , कूटरचित , जाली और अशुद्ध बिल भेजना व डिफाल्टर कहना या डिक्लेयर करना
इंडियन पैनल कोड की यानि भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत , फर्जी बिलिंग, कूटरचित बिल बनाना, अशुद्ध बिल बनाना , अप्रमाणित बिलिंग करना या बनाना , जालसाजी कर किसी को अवमानित कर ब्लैकमेल करना , जबरन फर्जी वसूली कर डिफाल्टर होने से बचाने का आपराधिक षडयंत्र रचना , किसी से सम्पत्त‍ि प्राप्त करने या उगाहने या वसूलने के लिये डराना , धमकाना, फर्जीवाड़ा कर फर्जी व जाली दस्तावेज तैयार करना तथा इन सबमें प्रति व्यक्त‍ि व प्रति परिवार उसकी मानहानि स्वत: ही सयुक्त व सहबद्धित हो जाती है । लिहाजा आीवन कारावास से दंडनीय यह अपराध न केवल संज्ञेय अपराध हैं जिसमें पुलिस कभी भी बिना किसी वारंट के अरेस्ट कर सकती है , बल्कि गैर जमानतीय अपराध भी हैं ।
आई.पी.सी. की वे धारायें जिनके तहत बिजली आफिसर्स व बिलिंग कर्ताओं व फर्जीवाड़ा करने वालों के विरूद्ध दर्ज होगा अपराध -
धारायें - 167, 171 ग एवं च , 176, 177, 178, 181, 182, 193, 195, 196, 197, 198, 199, 200, 201, 202, 203, 204, 209, 210, 211, 213, 214, 383, 385, 389, 406, 409, 420, 445, 452, 453, 464, 465, 466, 467, 468, 469, 471, 472, 474, 476, 477, 477- क, 499, 500, 503, 506 आदि के अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत व इलेक्ट्र‍िसिटी एक्ट ( भारतीय विद्युत अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया जा सकता है , कुल मिलाकर अब तलब पाये गये हजारों सबूतों के आधार पर आजीवन कारावास की सजा का केस दर्ज होना लगभग तय है , संभवत: व्यापम जैसा बहुत बड़ा तगड़ा घोटाला खुलना करीब करीब तय है ।
- नरेन्द्र सिंह तोमर ''आनन्द '' www.gwaliortimes.in/ www.facebook.com/Tomarrajvansh

रविवार, जून 28, 2015

अब उस हाल में जीना लाजिम है , जिस हाल में जीना मुश्क‍िल है

खैर रिमांइंडर 8 भी भेज दिया है ....... जस का तस ज्यों का त्यों .... जो मैटर नीचे प्रकाशन किया गया है तदनुसार ....... चलिये सरकार अब या तो आप नहीं ....... या हम नहीं ...... युद्ध तो शुरू हो चुका है ..... अंजाम खुदा लिखेगा .......क्या वकालत का पेशा छोड़ दिया जाये ......  हम एडवोकेट का काम छोड़ दें .... और बंदूक उठाकर चंबल में फरार होकर दस बीस को मार कर फरार हो जायें .... हालात ये हैं .... आज भी फिर दिन भर से बिजली नहीं है ..... अब तो रोजाना धमकियां भी मिलने लगीं हैं .......  खैर आज फिर हमारे द्वारा सी.एम. हेल्पलाइन में धमकियां देने और बिजली नहीं देने तथा समस्या निराकरण संबंधी फर्जी रिपोर्ट भेजे जाने के बारे में मामला दर्ज करा दिया गया है .... और आप सब लोग भी जिन्हें इस ई मेल का सातवां रिमांइंडर भेजा गया है , कृपया तदनुसार अवगत हों - आपका उत्तर अपेक्षि‍त है और प्रतीक्षा में -  नरेन्द्र सिंह तोमर , एडवोकेट , मुरैना म.प्र.


गुरुवार, मई 14, 2015

विश्व का दूसरे नंबर का और भारत का सबसे बड़ा पर्यटन स्थल मुरैना , विश्व की सबसे बड़ी टूरिस्ट सरकार - भारत सरकार , विश्व की सबसे बड़ी बनिये की दूकान - भारत का लोकतंत्र व्यंग्य - नरेन्द्र सिंह तोमर ''आनन्द''

विश्व का दूसरे नंबर का और भारत का सबसे बड़ा पर्यटन स्थल मुरैना , विश्व की सबसे बड़ी टूरिस्ट सरकार - भारत सरकार , विश्व की सबसे बड़ी बनिये की दूकान - भारत का लोकतंत्र
व्यंग्य - नरेन्द्र सिंह तोमर ''आनन्द''
क्या यार मुरैना में आज सबेरे 4 बजे से बिजली नहीं है तो इसका मतलब ये नहीं है कि ( सी.एम. हेल्पलाइन में चार चार कंपलेाट कर तो रखीं हैं , अब बहरे को सुनाई न दे , अंधे को दिखाई न दे तो इसमें हम क्या करें ) अब भइया सिब्बू को बहरा और नंदू को अंधा और कलेक्टर को लंगड़ा मत कह देना ...... ........ हमने कालीचरण कालीराम का खुल गया पोल ..... टूरिस्ट सांसद कह कर उसका सारी दुनियां में नाम रोशन कर डाला उसके मामा के नाम की योजना पर ही कलंक लगा रहा कालीराम सारी दुनियां में 6 करोड़ लोगों तक वर्ल्डवाइड ब्राडकास्ट और रिलज कर मशहूर कर दिया ........ तो इसका मतलब ये नहीं कि ......... उसी तर्ज पर ..... मोदी जी को सूट बूट वाला चोर , सूटकेस सोने का टूरिस्ट प्राइम मिनिस्टर कहा जाये ..... इससे तो ऐसा लगता है कि साली पूरी सरकार ( अकेली बेचारी विदेश मंत्री को छोड़कर ) जो विदेशी जगह की सांसद जरूर है मगर कभी विदेश नहीं जाती, आप लोग पूरी की पूरी सरकार को ही बनियों की दूकान और तखरी तराजू वाला प्रशासन , और हर सांसद व मिनिस्टर को ही टूरिस्ट कहें .... एम.पी. के गधा गोबर नंदू भैया की तो जो कल से बुरी तरह धोती खींच ऐसी की तैसी की जा रही है , दुगत बनाई जा रही है , हम तो फेसबुक , ट्व‍िटर और व्हाटस एप्प पर पढ़ पढ़ के पक गये ..... अखबार और दनादन धोती लंगोट खींचने में , उतारने में लगे हैं बेचारों के , अरे ठीक है बेचारों ने सारे बनियों को प्रशासन की दूकान सौंप दी तो क्या हुआ , पैसे देकर आये हैं बेचारे , थानेदारी भी आजकल थाने के महीने के रूपये बंधे होने से मिलती है, मास्टरी की दूकान , डाक्टरी की दूकान, व्यापम की सब्जी मण्डी, इंजीनियर बनाने की फैक्ट्र‍ियां , नोट गिनने की मशीनें चौकीदारों के घर में लगानी पड़ रहीं हैं तो क्या हुआ, अरे यार कमाता कौन नहीं है, नेताओं के मील तो नहीं चलते , तेल तो तिली से ही निकलेगा न , और बनियों से बड़ा कमाऊ पूत कभी कोई सुना है क्या , चलो अब शांत हो जाओ , जादा पोस्ट मत डालो सूट बूट की टूरिस्ट कमाऊ विदेशी बनियों की दूकान सरकार पर ...... वरना हमारी खुपडि़या अगर घूम गई तो ..... हम फिर एक खतरनाक लेख लिख डालेंगें और ..... वर्ल्डवाइड ब्राडकास्ट और रिलीज कर मारेंगें ..... फिर मत कहयो के बताई नहीं हती के मूरैना की कलेक्टर ग्वालियर रहती है, कबहूं फेान नहीं उठाती , मुरैना टूरिस्टों का अड्डा है, भारत का सबसे बड़ा पर्यटन स्थल है ...... हियां सांसद से लेकर अफसर , कर्मचारी सब टूरिस्ट ही टूरिस्टूरिस्ट ही भरे पड़े हैं जनता मरे तो मरे .... अपनी बला से ..... इसलिये अब चुप्प हो जाओ ..... हमारा भेजा मत घुमाओ ...... वरना आलतू फालतू में ही किसी बनिये की दूकान लुट जायेगी यूं ही ख्वामख्वाह ही ...... टिचक्यूं - नरेन्द्र सिंह तोमर ''आनन्द''