गुरुवार, जनवरी 17, 2008

बिजली कटौती : कोहराम जारी बुधवार को रात में भी कटी बिजली

बिजली कटौती : कोहराम जारी बुधवार को रात में भी कटी बिजली

मुरैना 17 जनवरी । बिजली कटौती का कोहराम बदस्‍तूर जारी है । चम्‍बल सम्‍भाग के शहर मुख्‍यालय मुरैना पर बुधवार 16 जनवरी को सुबह की जाने वाली नियमित कटौती के चलते सुबह 7 बजे से 10:15 बजे तक जहॉं नियमित बिजली कटौती हुयी वहीं रात को तीन बार बिजली कटने से पहले शाम 7:45 बजे से 8:15 बजे तक और फिर रात 9 बजे से 10 बजे तक फिर इसके बाद रात 10:20 बजे से 10:50 बजे तक सम्‍भागीय मुख्‍यालय के शहर में अंधेरा कायम रहा ।

भिण्‍ड की दशा और भी बुरी है वहॉं भिण्‍ड शहर में दिन और रात दोनों वक्‍त की अन्‍धाधुन्‍ध कटौती के चलते लोगों ने स्‍थायी तौर पर मोमबत्‍तीयों और लालटेनों के साये में जीवन को अपनी नियति मान लिया है ।

चम्‍बल अंचल के ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति पूर्ववत है यानि चार पांच दिनों तक बिजली मयस्‍सर नहीं है । उल्‍लेखनीय है कि जहॉं बिजली के अभाव में किसानों के खेतों की फसलें सूख गयीं हैं वहीं छात्रों की परीक्षायें भी प्रारंभ होने जा रहीं है , तथा बिजली पर आधारित लघु उद्यम व व्‍यवसाय तो पहले ही चौपट हो चुके हैं ।

 

मंगलवार, जनवरी 15, 2008

रविवार को 8 और सोमवार को साढ़े 6 घण्‍टे की बिजली कटौती रही

रविवार को 8 और सोमवार को साढ़े 6 घण्‍टे की बिजली कटौती रही

मुरैना । उधर चम्‍बल नहर में इस साल पानी नहीं आने से जहॉं खेतों खड़ी फसलें सूख गयीं हैं वही छात्रों की परीक्षायें भी अगले माह से प्रारंभ होंगीं इस दरम्‍यान बिजली कटौती का अघोषित व अन्‍धाधुन्‍ध शिडयूल जारी है ।

रविवार 13 जनवरी को सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक यानि 8 घण्‍टे और सोमवार को सुबह 7 बजे से 12:30 बजे तक फिर दोबारा सायं 5 बजे से 6 बजे तक यानि साढ़े 6 घण्‍टे अघोषित रूप से बिजली कटौती हुयी । यह कटौती चम्‍बल संभाग के शहर मुख्‍यालय मुरैना शहर में हुयी । ग्रामीण क्षेत्रों में तो चार चार दिन तक बिजली के दर्शन मयस्‍सर नहीं हैं । उल्‍लेखनीय है कि इस वर्ष चम्‍बल नहर में पानी नहीं आया है और चम्‍बल के गांव थोगापुरा पर ही चम्‍बल नहर ने दम तोड़ दिया था जिसके चलते तंवरघार क्षेत्र को इस साल पानी की बूंद नहीं मिली है और तोमरों तथा आगे भदौरियों व कुशवाहों के खेतों की फसलें लगभग सूख गयीं हैं । यह वह क्षेत्र है जहॉं हरियाली और बरकत के कभी न टूटने वाले असीम जल स्‍त्रोत कभी हुआ करते थे ।

ज्ञातव्‍य है कि चम्‍बल नहर का पानी दो भाजपा सरकारों की राजनीतिक मसखरी या नूराकुश्‍ती के बीच फंस कर रह गया है राजस्‍थान की वसुन्‍धरा सरकार और मध्‍यप्रदेश की शिवराज सरकार दोनों ही भाजपा की सरकारें हैं । बावजूद इसके इस साल किसानों को नहर का पानी नहीं मिल पाया है ।  

 

मंगलवार, दिसंबर 18, 2007

बिजली कित जाय रई है काऊ को नहीं पता

भारी बिजली कटौती से मची त्राहि त्राहि, किसान छात्र और व्‍यवसायी संकट में

बिजली कित जाय रई है काऊ को नहीं पता

मुरैना/ भिण्‍ड/ श्‍योपुर 17 दिसम्‍बर 2007 । चम्‍बल में इन दिनों जहॉं बिजली की भारी दरकार है, वहीं अन्‍धाधुन्‍ध अघोषित बिजली कटौती के चलते किसानों, छात्रों और व्‍यवसायीयों के हलक इस भरी सर्दी में सूखने लगे हैं ।

जहॉं किसान अभी तक खाद, पानी और बिजली की लड़ाई से जूझ रहे हैं वहीं इन दिनों छात्रों की छमाही परीक्षायें चल रही हैं , अनेक छात्र छात्रा तो बोर्ड की परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारीयां कर रहे हैं । वहीं छिटपुट कुटीर व्‍यवसायी जिनकी रोजी रोटी और कारोबार बिजली पर ही आश्रित है पूरी तरह चौपट होकर दिहाड़ी धन्‍धों से बेगार हो भुखमरी की नौबत तक आ पहुँचे हैं ।

हालांकि बिजली कटौती तो वर्ष भर चलती है और सदाबहार आलम दर्शाती रहती है लेकिन जब पानी सिर से ऊपर हो जाता है तो जनता नर्राती है, लेकिन इस देश का दुर्भग्‍य है कि यहॉं नेता और अफसर कान में तेल डाल कर बैठे रहते हैं, खैर अंधेरा कायम रहे महामहिम किल्विष ।

किसानों को जहॉं चम्‍बल नहर से पानी नहीं मिला , खाद नहीं मिली, बिजली नहीं मिली तो वे रो पड़े और कातर स्‍वरों तथा अविरल ऑंसूओं से धरा भिगोने लगे, उनकी यह दशा देख आसमान भी रो पड़ा और चन्‍द मावठी बून्‍दों से उसने भी धरती भिगो दी तो किसानों को जीवन के लिये चन्‍द सांसें और हासिल हो गयीं ।

अब उन बच्‍चों का क्‍या हो, जो इन दिनों छमाही परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं या सेमेस्‍टर परीक्षाओं में व्‍यस्‍त हैं, वे भी खून के ऑंसू रो रहे हैं, दिन भर बिजली नहीं तो रात में भी धुऑंधार कटौती, आखिर कब तक जलायें मोमबत्‍ती और दिये या लालटेन । रिजल्‍ट बिगड़ेगा तो भी डण्‍डा उन्‍हीं के सिर, और पढ़ें तो न दिन बिजली न रात बिजली । पढ़ लिये ठीक है, ज्‍यादा बच्‍चे फेल होंगें तो शिक्षित बेरोजगार कम होंगें, वाह क्‍या आइडिया है । खूब फेल करवाओ, न बेटा पढ़ पाओगे न शिक्षित बेरोजगार कहलाओगे ।

कहॉं तक बयॉं करें हालात ए गुलिस्‍तां यहॉं हर शाख पे ..... छोटे मोटे काम धन्‍धे वाले बिजली पर ही दिहाड़ी कारोबार कर रहे हैं और इन दिनों रात और दिन की धुऑंधार कटौती पर दहाड़ें मार कर रो रहे हैं ।

हमें तो अब सारा जमाना ही रोता दिखता है तो हमने रोना छोड़ दिया । समझ गये, नहीं समझे, इन्‍तजार करो समझ जाओगे । जय हिन्‍द ।

 

भारी बिजली कटौती से मची त्राहि त्राहि, किसान छात्र और व्‍यवसायी संकट में

भारी बिजली कटौती से मची त्राहि त्राहि, किसान छात्र और व्‍यवसायी संकट में

बिजली कित जाय रई है काऊ को नहीं पता

मुरैना/ भिण्‍ड/ श्‍योपुर 17 दिसम्‍बर 2007 । चम्‍बल में इन दिनों जहॉं बिजली की भारी दरकार है, वहीं अन्‍धाधुन्‍ध अघोषित बिजली कटौती के चलते किसानों, छात्रों और व्‍यवसायीयों के हलक इस भरी सर्दी में सूखने लगे हैं ।

जहॉं किसान अभी तक खाद, पानी और बिजली की लड़ाई से जूझ रहे हैं वहीं इन दिनों छात्रों की छमाही परीक्षायें चल रही हैं , अनेक छात्र छात्रा तो बोर्ड की परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारीयां कर रहे हैं । वहीं छिटपुट कुटीर व्‍यवसायी जिनकी रोजी रोटी और कारोबार बिजली पर ही आश्रित है पूरी तरह चौपट होकर दिहाड़ी धन्‍धों से बेगार हो भुखमरी की नौबत तक आ पहुँचे हैं ।

हालांकि बिजली कटौती तो वर्ष भर चलती है और सदाबहार आलम दर्शाती रहती है लेकिन जब पानी सिर से ऊपर हो जाता है तो जनता नर्राती है, लेकिन इस देश का दुर्भग्‍य है कि यहॉं नेता और अफसर कान में तेल डाल कर बैठे रहते हैं, खैर अंधेरा कायम रहे महामहिम किल्विष ।

किसानों को जहॉं चम्‍बल नहर से पानी नहीं मिला , खाद नहीं मिली, बिजली नहीं मिली तो वे रो पड़े और कातर स्‍वरों तथा अविरल ऑंसूओं से धरा भिगोने लगे, उनकी यह दशा देख आसमान भी रो पड़ा और चन्‍द मावठी बून्‍दों से उसने भी धरती भिगो दी तो किसानों को जीवन के लिये चन्‍द सांसें और हासिल हो गयीं ।

अब उन बच्‍चों का क्‍या हो, जो इन दिनों छमाही परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं या सेमेस्‍टर परीक्षाओं में व्‍यस्‍त हैं, वे भी खून के ऑंसू रो रहे हैं, दिन भर बिजली नहीं तो रात में भी धुऑंधार कटौती, आखिर कब तक जलायें मोमबत्‍ती और दिये या लालटेन । रिजल्‍ट बिगड़ेगा तो भी डण्‍डा उन्‍हीं के सिर, और पढ़ें तो न दिन बिजली न रात बिजली । पढ़ लिये ठीक है, ज्‍यादा बच्‍चे फेल होंगें तो शिक्षित बेरोजगार कम होंगें, वाह क्‍या आइडिया है । खूब फेल करवाओ, न बेटा पढ़ पाओगे न शिक्षित बेरोजगार कहलाओगे ।

कहॉं तक बयॉं करें हालात ए गुलिस्‍तां यहॉं हर शाख पे ..... छोटे मोटे काम धन्‍धे वाले बिजली पर ही दिहाड़ी कारोबार कर रहे हैं और इन दिनों रात और दिन की धुऑंधार कटौती पर दहाड़ें मार कर रो रहे हैं ।

हमें तो अब सारा जमाना ही रोता दिखता है तो हमने रोना छोड़ दिया । समझ गये, नहीं समझे, इन्‍तजार करो समझ जाओगे । जय हिन्‍द ।

 

शनिवार, दिसंबर 15, 2007

पंचायत मंत्री श्री रूस्तम सिंह द्वारा 86 लाख रूपये की लागत से विद्युत उप केन्द्र का शिलान्यास

कोई भी गांव बिद्युत विहीन नहीं रहेगा

पंचायत मंत्री श्री रूस्तम सिंह द्वारा 86 लाख रूपये की लागत से

विद्युत उप केन्द्र का शिलान्यास

मुरैना 15 दिसम्बर 2007 // पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री रूस्तम सिंह ने आज मुरैना जिले के ग्राम रिठौरा कलां में 86 लाख रूपये की लागत के विद्युत उप केन्द्र का भूमिपूजन किया । उन्होंने शिला पट्टिका का अनावरण कर 33/11 के.व्ही. उप केन्द्र का शिलान्यास किया । उन्होंने कहा कि अब कोई भी गांव विद्युत विहीन नहीं रहेगा । इस अवसर पर म.प्र मध्य  क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के मुख्य अभियंता श्री जी.एस. कल्सी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभय कुमार वर्मा, एसडीएम श्री विजय अग्रवाल, अधीक्षण यंत्री श्री बी.पी.गर्ग, कार्यपालन यंत्री श्री आर.के. एस राठौर, तहसीलदार श्री बी.पी. श्रीवास्तव, श्री एस.एस. गौर तथा ग्रामीणजन उपस्थित थे ।

       पंचायत मंत्री श्री रूस्तम सिंह ने कहा कि सरकार ने पानी, बिजली, सड़क को प्राथमिकता दी है । पानी और बिजली की व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा बेहतर पहल की गई है । उन्होंने कहा कि इस उपकेन्द्र के बन जाने से आने वाले पच्चीस सालों तक क्षेत्र को बिजली की कमी नहीं आयेगी । उन्होंने कहा कि इस उप केन्द्र और आस-पास के ग्रामों तक खम्बे और तार पहुंचाने के लिए लगभग तीन करोड़ रूपये की राशि व्यय की जायेगी । उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए सड़कों का जाल भी विछाया जा रहा है । इन सड़कों के बन जाने से क्षेत्र में आवागमन की सुगम सुविधा उपलब्ध होगी ।

       श्री रूस्तम सिंह ने कहा कि नूरावाद में भी एक करोड़ रूपये की लागत से विद्युत उप केन्द्र की स्थापना कराई जायेगी । पोरसा और देवगढ़ में भी उपकेन्द्रों की स्थापना कराई जायेगी । शनि मंदिर के चारों तरफ की सड़कों का निर्माण भी कराया जा रहा है । इस पर 16 करोड़ रूपये का व्यय होगा । प्रयास है कि ये सभी मार्ग तीन चार माह में पूर्ण हो जायेगे। उन्होंने कहा कि पुराने तालाबों के जीर्णोंध्दार के कार्य हाथ में लिये गये हैं । पिपरसेवा में तालाब बन चुका है । कोई भी तालाब फूटा नहीं रहने दिया जायेगा ।

       उन्होंने कहा कि पिपरसेवा सहित क्षेत्र में चार -पांच हाई स्कूलों की स्वीकृति प्राप्त हुई है । उन्होंने कहा कि समग्र स्वच्छता कार्यक्रम के संचालन के लिए महिला स्व-सहायता समूहों को जिम्मेदार बनाया गया है।

       मुख्य अभियंता श्री कल्सी ने कहा कि मंत्री जी के लगातार प्रयासों से वर्षों से विद्युत आपूर्ति से बंचित इस क्षेत्र को अच्छी गुणवत्ता की बिजली मिल सकेगी । मंत्री जी की पहल पर ग्रामों में खम्बे लगाने और तार खींचने के लिए 2 करोड़ रूपये की राशि मिली है। उन्होंने कहा कि इस उप केन्द्र का निर्माण समय-सीमा में पूरा कराया जायेगा ।

       प्रारंभ में श्री बी.पी. गर्ग ने बताया कि ग्राम रिठौरा कलां पूर्व में विद्युतीकृत था, लेकिन खम्बे टूटने और तार चोरी होने के कारण  यह क्षेत्र लगभग 10 वर्ष से विद्युत विहीन हो गया । पंचायत मंत्री जी की विशेष पहल पर क्षेत्र  के विकास के लिए 132 के.व्ही. उपकेन्द्र मालनपुर से 5 किलोमीटर 33 के.व्ही लाइन तथा 1_3.15 एम.व्ही. ए. 33/11 के.ही. विद्युत उपकेन्द्र के लिए 85 लाख 80 हजार रूपये की राशि स्वीकृत की गई । इस केन्द्र के बन जाने पर क्षेत्र के 19 ग्राम पुन: विद्युतीकृत होंगे और लगभग 400 विद्युत सिंचाई पंप विद्युतीकृत हो सकेंगे । इन्हीं ग्रामों में लगभग 50 छोटे लघु उद्योग एवं आटा चक्की को विद्युत प्रदाय हो सकेगी । साथ ही लगभग डेढ़ हजार घरों को घरेलू विद्युत कनेक्शन प्राप्त हो सकेंगे । उल्लेखित है कि पूर्व में उपरोक्त ग्रामो की विद्युत आपूर्ति 132 के.व्ही. उप केन्द्र बानमोर से मिलने वाले ग्रामीण  फीडर से की जाती थी, उन्हें अब इस उप केन्द्र के माध्यम से नजदीकी 132 के.व्ही. उप केन्द्र बानमोर से उच्च गुणवत्ता की विद्युत आपूर्ति प्रदाय की जा सकेगी ।

       इस अवसर पर जनपद पंचायत मुरैना के श्री सुभाष गुप्ता ने अप्रैल 2008 से लागू होने वाली राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी स्कीम मध्य प्रदेश और मुख्यमंत्री मजदूर सुरक्षा योजना की जानकारी दी । उन्होने बताया कि मुख्यमंत्री मजदूर सुरक्षा योजना में रिठौरा कलां क्षेत्र के 80 मजदूर परिवारों के कार्ड बनाये गये हैं । अधीक्षण यंत्री श्री गर्ग ने अंत में सभी की उपस्थिति के प्रति आभार व्यक्त किया ।

 

कोई भी गांव बिद्युत विहीन नहीं रहेगा - रूस्‍तम सिंह

कोई भी गांव बिद्युत विहीन नहीं रहेगा

पंचायत मंत्री श्री रूस्तम सिंह द्वारा 86 लाख रूपये की लागत से

विद्युत उप केन्द्र का शिलान्यास

मुरैना 15 दिसम्बर 2007 // पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री रूस्तम सिंह ने आज मुरैना जिले के ग्राम रिठौरा कलां में 86 लाख रूपये की लागत के विद्युत उप केन्द्र का भूमिपूजन किया । उन्होंने शिला पट्टिका का अनावरण कर 33/11 के.व्ही. उप केन्द्र का शिलान्यास किया । उन्होंने कहा कि अब कोई भी गांव विद्युत विहीन नहीं रहेगा । इस अवसर पर म.प्र मध्य  क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के मुख्य अभियंता श्री जी.एस. कल्सी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभय कुमार वर्मा, एसडीएम श्री विजय अग्रवाल, अधीक्षण यंत्री श्री बी.पी.गर्ग, कार्यपालन यंत्री श्री आर.के. एस राठौर, तहसीलदार श्री बी.पी. श्रीवास्तव, श्री एस.एस. गौर तथा ग्रामीणजन उपस्थित थे ।

       पंचायत मंत्री श्री रूस्तम सिंह ने कहा कि सरकार ने पानी, बिजली, सड़क को प्राथमिकता दी है । पानी और बिजली की व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा बेहतर पहल की गई है । उन्होंने कहा कि इस उपकेन्द्र के बन जाने से आने वाले पच्चीस सालों तक क्षेत्र को बिजली की कमी नहीं आयेगी । उन्होंने कहा कि इस उप केन्द्र और आस-पास के ग्रामों तक खम्बे और तार पहुंचाने के लिए लगभग तीन करोड़ रूपये की राशि व्यय की जायेगी । उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए सड़कों का जाल भी विछाया जा रहा है । इन सड़कों के बन जाने से क्षेत्र में आवागमन की सुगम सुविधा उपलब्ध होगी ।

       श्री रूस्तम सिंह ने कहा कि नूरावाद में भी एक करोड़ रूपये की लागत से विद्युत उप केन्द्र की स्थापना कराई जायेगी । पोरसा और देवगढ़ में भी उपकेन्द्रों की स्थापना कराई जायेगी । शनि मंदिर के चारों तरफ की सड़कों का निर्माण भी कराया जा रहा है । इस पर 16 करोड़ रूपये का व्यय होगा । प्रयास है कि ये सभी मार्ग तीन चार माह में पूर्ण हो जायेगे। उन्होंने कहा कि पुराने तालाबों के जीर्णोंध्दार के कार्य हाथ में लिये गये हैं । पिपरसेवा में तालाब बन चुका है । कोई भी तालाब फूटा नहीं रहने दिया जायेगा ।

       उन्होंने कहा कि पिपरसेवा सहित क्षेत्र में चार -पांच हाई स्कूलों की स्वीकृति प्राप्त हुई है । उन्होंने कहा कि समग्र स्वच्छता कार्यक्रम के संचालन के लिए महिला स्व-सहायता समूहों को जिम्मेदार बनाया गया है।

       मुख्य अभियंता श्री कल्सी ने कहा कि मंत्री जी के लगातार प्रयासों से वर्षों से विद्युत आपूर्ति से बंचित इस क्षेत्र को अच्छी गुणवत्ता की बिजली मिल सकेगी । मंत्री जी की पहल पर ग्रामों में खम्बे लगाने और तार खींचने के लिए 2 करोड़ रूपये की राशि मिली है। उन्होंने कहा कि इस उप केन्द्र का निर्माण समय-सीमा में पूरा कराया जायेगा ।

       प्रारंभ में श्री बी.पी. गर्ग ने बताया कि ग्राम रिठौरा कलां पूर्व में विद्युतीकृत था, लेकिन खम्बे टूटने और तार चोरी होने के कारण  यह क्षेत्र लगभग 10 वर्ष से विद्युत विहीन हो गया । पंचायत मंत्री जी की विशेष पहल पर क्षेत्र  के विकास के लिए 132 के.व्ही. उपकेन्द्र मालनपुर से 5 किलोमीटर 33 के.व्ही लाइन तथा 1_3.15 एम.व्ही. ए. 33/11 के.ही. विद्युत उपकेन्द्र के लिए 85 लाख 80 हजार रूपये की राशि स्वीकृत की गई । इस केन्द्र के बन जाने पर क्षेत्र के 19 ग्राम पुन: विद्युतीकृत होंगे और लगभग 400 विद्युत सिंचाई पंप विद्युतीकृत हो सकेंगे । इन्हीं ग्रामों में लगभग 50 छोटे लघु उद्योग एवं आटा चक्की को विद्युत प्रदाय हो सकेगी । साथ ही लगभग डेढ़ हजार घरों को घरेलू विद्युत कनेक्शन प्राप्त हो सकेंगे । उल्लेखित है कि पूर्व में उपरोक्त ग्रामो की विद्युत आपूर्ति 132 के.व्ही. उप केन्द्र बानमोर से मिलने वाले ग्रामीण  फीडर से की जाती थी, उन्हें अब इस उप केन्द्र के माध्यम से नजदीकी 132 के.व्ही. उप केन्द्र बानमोर से उच्च गुणवत्ता की विद्युत आपूर्ति प्रदाय की जा सकेगी ।

       इस अवसर पर जनपद पंचायत मुरैना के श्री सुभाष गुप्ता ने अप्रैल 2008 से लागू होने वाली राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी स्कीम मध्य प्रदेश और मुख्यमंत्री मजदूर सुरक्षा योजना की जानकारी दी । उन्होने बताया कि मुख्यमंत्री मजदूर सुरक्षा योजना में रिठौरा कलां क्षेत्र के 80 मजदूर परिवारों के कार्ड बनाये गये हैं । अधीक्षण यंत्री श्री गर्ग ने अंत में सभी की उपस्थिति के प्रति आभार व्यक्त किया ।

 

बुधवार, दिसंबर 12, 2007

राष्ट्रीय ऊर्जा सरंक्षण सप्ताह के अन्तर्गत बिजली बचत का संदेश दिया जायेगा

राष्ट्रीय ऊर्जा सरंक्षण सप्ताह के अन्तर्गत बिजली बचत का संदेश दिया जायेगा

 

      मुरैना 12 दिसम्बर 07// म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा 14 से 21 दिसम्बर तक राष्ट्रीय ऊर्जा सरंक्षण सप्ताह मनाया जायेगा। इस सप्ताह के दौरान बिजली बचत के संदेश को प्रसारित करने वाले आयोजन किये जायेगे।

       कार्यपालन यंत्री श्री आर. के. एस. राठौर के अनुसार ऊर्जा सरंक्षण सप्ताह के दौरान 14 दिसम्बर को बिजली बचत के संदेश को लेकर जनजागरूकता रैली निकाली जायेगी। इस रैली के माध्यम से उपभोक्ताओं को बिजली बचत के तरीकों से अवगत कराया जायेगा।